Monkeypox Treatment Details: हमारे आसपास पहले से कई ऐसी बीमारियां मौजूद हैं जो हमें अपनी चपेट में लेकर काफी बीमार कर सकती हैं। इस बीच मंकीपॉक्स के कारण दुनियाभर के कई सारे देश प्रभावित हुए हैं। आलम ये है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर हर देश इसको लेकर सतर्कता बरत रहा है। इस बीमारी को हल्के में लेने की गलती बिलकुल भी नहीं करनी है। इसलिए ही भारत सरकार भी इस बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी क्रम में दिल्ली में कुछ अस्पतालों को इस बीमारी से निपटने के लिए तैयार किया गया है। तो चलिए जानते हैं ये कौन से अस्पताल हैं और आप कैसे इस बीमारी से बच सकते हैं। आप आगे इस बारे में जान सकते हैं...
Mpox: जान लीजिए दिल्ली के किन अस्पतालों में मिलेगा मंकीपॉक्स का इलाज, लक्षण और बचाव भी जानें
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इन अस्पतालों में मिलेगा इलाज
- मंकीपॉक्स से निपटने के लिए दिल्ली के 6 अस्पतालों को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। इसमें केंद्र सरकार के 3 और दिल्ली सरकार के 3 अस्पताल शामिल हैं। केंद्र के एम्स, सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल में मंकीपॉक्स का इलाज हो सकेगा।
- जबकि, दूसरी तरफ दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले जीटीबी, लोकनायक और अंबेडकर अस्पताल में मंकीपॉक्स का इलाज होगा। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने तीनों अस्पातालों में आइसोलेशन वार्ड बनाकर कुल 40 वार्ड आरक्षित करने का निर्देश दिया है। साथ ही एम्स समेत सूची के बाकी अस्पतालों को भी मंकीपॉक्स से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज:-
जिस व्यक्ति या आपको भी अगर मंकीपॉक्स होता है तो इसके कुछ लक्षण हैं जिनसे इसे पहचाना जा सकता हैं...
- सिर दर्द होना
- बुखार आना
- शरीर पर चकत्ते हो जाना या लाल रंग के चकत्ते होना
- खुजली होना
- शरीर में जगह-जगह पर गांठ होना
- मांसपेशियों में दर्द होना।
ऐसे कर सकते है बचाव:-
- संक्रमित व्यक्ति को अलग रखें
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें
- शारीरिक संबंध बनाने से बचें
- हाथों को बार-बार धोएं
- घर में और अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें
- लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।