मानसून का मौसम और रिमझिम बारिश का अपना ही आनंद है, हालांकि बरसात के दिनों में आपको सेहत को लेकर विशेषतौर पर सावधान रहने की आवश्यकता होती है। मानसून के समय में वैसे तो मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारियों का खतरा रहता ही है, साथ ही ये मौसम पाचन के लिए भी दिक्कतें बढ़ा देता है। बढ़ी हुई नमी हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को बढ़ाने वाली हो सकती है जिसके कारण गैस्ट्रिक समस्याओं का होना आम है।
Health Drinks: बारिश के दिनों में गड़बड़ हो गया है पाचन तो टेंशन नहीं, ये ड्रिंक्स दूर करेंगी सारी दिक्कतें
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मानसून के दौरान गैस्ट्रिक समस्याएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसून के दौरान गैस्ट्रिक समस्याओं से सुरक्षित रहने के लिए स्वच्छता का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है। खाने से पहले अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह से धोना जरूरी है। यह आदत बैक्टीरिया और वायरस के संक्रमण को रोक सकती है। इसके अलावा फलों-सब्जियों को खाने से पहले भी इसे अच्छी तरह से धो लें। अस्वच्छ पानी के कारण होने वाली पाचन संबंधित समस्याओं को कम करने के लिए पानी को उबालकर और छानकर ही पीना चाहिए।
पाचन को ठीक रखने के लिए कुछ पेय (ड्रिंक्स) को भी लाभकारी माना जाता रहा है।
हर्बल टी का करिए सेवन
हम में से ज्यादातर लोग दिन की शुरुआत चाय-कॉफी के साथ करते हैं, इसका अधिक सेवन आपके पाचन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि इसकी जगह पर हर्बल का सेवन करना अच्छा विकल्प माना जाता है। जैसे अदरक की चाय पीना पाचन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। अदरक शरीर में पाचन एंजाइम और गैस्ट्रिक जूस के उत्पादन को उत्तेजित करने में मदद करता है। इससे पेट फूलने जैसे पाचन संबंधी लक्षणों को कम कर सकते हैं। नींबू पानी पीना भी पाचन के लिए फायदेमंद है।
छाछ और दही आंतों के लिए फायदेमंद
छाछ और दही आदि को प्रोबायोटिक्स से भरपूर माना जाता है जो आंत में गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देने और पाचन को ठीक रखने में मददगार है। छाछ लोकप्रिय भारतीय पेय है जो भोजन के पाचन को ठीक रखने और पेट की समस्याओं को कम करने में आपके लिए लाभकारी है। यह पेय आपके शरीर को पोषण देने और हाइड्रेट रखने में भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके नियमित सेवन से कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं।
हल्दी-पुदीने का पानी
एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर हल्दी में पाए जाने वाला करक्यूमिन आपकी सेहत के लिए कई प्रकार से लाभप्रद है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ती ही है साथ ही ये मल त्याग, पेट दर्द और दस्त को कम करके आंतों की समस्याओं को कम करने में भी फायदेमंद है। इसी तरह से पुदीने के रस को पानी में मिलाकर पीने से भी पाचन संबंधित समस्याओं के जोखिमों को कम किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।