दुनिया के कई देश इन दिनों एक बार फिर से गंभीर संक्रामक रोग की चपेट में देखे जा रहे हैं। कोविड-19 के अब भी जारी जोखिमों के बीच यूके में फिर से मंकीपॉक्स (एमपॉक्स) संक्रमण के मामले बढ़ने की खबर हैं।
Alert: जुलाई-अगस्त में जिस संक्रामक रोग ने मचाई थी तबाही फिर बढ़ने लगा उसका खतरा, भारत में भी देखे गए थे मामले
इस साल 14 अगस्त को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंकीपॉक्स को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था। यूके में इसके मामले फिर से देखे जा रहे हैं।
अभी भी नियंत्रण में नहीं है मंकीपॉक्स का प्रकोप
मंकीपॉक्स का प्रकोप अफ्रीकी देश कांगों में सबसे ज्यादा देखा जाता रहा है। अफ्रीकी संघ के स्वास्थ्य निगरानीकर्ता ने चेतावनी दी है कि एमपॉक्स का प्रकोप अभी भी नियंत्रण में नहीं है। कोविड-19 की तुलना में ये 'अधिक गंभीर' महामारी का कारण बन सकता है, इसके जोखिमों को देखते हुए सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
ब्रिटेन में मंकीपॉक्स या एमपॉक्स वायरस के सुपर स्प्रेडर वैरिएंट का पता चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और भी अलर्ट हो गया है।
घोषित हो चुका है वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल
इस वायरस को 14 अगस्त को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया था। एमपॉक्स ने इस साल अफ्रीका में 1,000 से अधिक लोगों की जान ले ली है। कांगों के साथ-साथ बुरुंडी, रवांडा, युगांडा, केन्या, स्वीडन, भारत और जर्मनी में एमपॉक्स क्लेड आईबी के मामले सामने आ चुके हैं।
वायरस का यह प्रकार (क्लेड 1बी) तेजी से फैलने और अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनने वाला माना जा रहा है। यह संक्रमण मुख्यरूप से संक्रमितों के निकट संपर्क जैसे कि संभोग, त्वचा से त्वचा का संपर्क और संक्रमितों के शरीर के तरल पदार्थ या ड्रॉप लेट्स के संपर्क में आने के कारण फैल सकता है।
भारत में भी रिपोर्ट किए गए थे मंकीपॉक्स के मामले
23 सितंबर को केरल के मलप्पुरम जिले में 38 वर्षीय युवक को भी एमपॉक्स संक्रमित पाया गया था, उसमें खतरनाक क्लैड 1बी स्ट्रेन पाया गया था। युवक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लौटा था। इस साल मंकीपॉक्स के दो सबसे खतरनाक वैरिएंट्स क्लेड 1बी और क्लेड 2 को बढ़ता देखा गया था।
क्लेड 2 स्ट्रेन के विपरीत 'क्लेड 1' को कई मामलों में अधिक खतरनाक पाया गया है। इसके लक्षणों में एन्सेफलाइटिस, निमोनिया और श्वसन समस्याओं के साथ त्वचा और अधिक गंभीर घाव-छाले होने जैसी जटिलताएं होती हैं। इसका एक से दूसरे व्यक्ति में फैलने की दर भी अधिक बताई जाती है।
मंकीपॉक्स के खतरे को लेकर अलर्ट
स्वास्थ्य संगठनों ने सभी देशों को मंकीपॉक्स को लेकर निरंतर सावधानी बरतते रहनी की सलाह दी है। विशेषतौर पर प्रभावित देशों से लौटने वाली लोगों की जांच और निगरानी पर विशेष जोर दिया जा रहा है जिससे संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
डब्ल्यूएचओ ने कहा, कांगो सहित दुनिया के कई देशों में नए क्लेड 1बी के मामले सामने आने जारी हैं। एमपॉक्स प्रकोपों की जांच करना, नियंत्रण के प्रयासों को बढ़ाना और लोगों को इसके बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
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स्रोत और संदर्भ
Monkeypox cases surge over 500 per cent in Africa, affecting 19 countries: Africa CDC
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