वैश्विक स्तर पर कोरोना के नए वैरिएंट्स का जोखिम पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि एरिस (EG.5.1) और पिरोला (BA.2.86) जैसे नए वैरिएंट्स के कारण संक्रमण का जोखिम बढ़ा है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इन वैरिएंट्स से संक्रमण के कारण यूके सहित कुछ हिस्सों में अस्पतालों में रोगियों की संख्या और मृतकों के मामले भी बढ़े हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि नए वैरिएंट्स में मूल वैरिएंट की तुलना में अधिक म्यूटेशन देखे गए हैं जिसके कारण ये आसानी से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को चकमा देकर लोगों को संक्रमित कर सकती है।
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किन्हें होगी इन टीकों की जरूरत?
किन लोगों को इन वैक्सीन की जरूरत है या फिर सभी लोगों को बचाव के लिए अपडेटेड टीके दिए जाने चाहिए, यह बारे में फैसला करने के लिए मंगलवार (12 सितंबर) को सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने एडवाइजरी मीटिंग बुलाई है, जिसमें इसपर फैसला लिया जाना है।
गौरतलब है कि फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना ने नए वैक्सीन शॉट्स को तैयार किए हैं, प्रारंभिक शोध की रिपोर्ट में इसे वैरिएंट्स में म्यूटेशन के खिलाफ प्रभावी पाया गया है। मंगलवार को टीकों पर लिए जाने वाले फैसले के बाद टीकों को देश के तमाम हिस्सों में भेजना शुरू किया जा सकता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
एफडीए में शीर्ष वैक्सीन विशेषज्ञ डॉ. पीटर मार्क्स कहते हैं, टीकाकरण कोरोना के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और अस्पताल में भर्ती होने के साथ मृत्यु के जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती है। अधिकारियों का कहना है कि अपडेटेड टीके नए वैरिएंट्स के स्पाइक प्रोटीन के बाइंडिंग को रोकने और शरीर में संक्रमण के खतरे को कम करने में मददगार हो सकते हैं। इससे मृत्यु के जोखिमों को भी कम किया जा सकता है।
मॉडर्ना की अपडेटेड वैक्सीन
नए वैरिएंट्स को लक्षित करने के लिए अमेरिकी वैक्सीन कंपनी निर्माता कंपनी मॉडर्ना ने अपने कोविड वैक्सीन को अपडेट किया है। कंपनी की ओर से जारी किए गए डेटा के मुताबिक अपडेटेड वैक्सीन सार्स-सीओवी-2 के XBB.1.5 सबलाइनेज के लिए स्पाइक प्रोटीन में अतिरिक्त म्यूटेशंस के कारण शरीर में होने वाली समस्याओं को कम करने में मददगार हो सकती है।
पिछले हफ्ते, कंपनी ने वैक्सीन को लेकर जो नैदानिक परीक्षण डेटा साझा किया था उसमें पुष्टि की गई थी कि ये वैक्सीन BA.2.86 के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है।
फाइजर के टीके भी पाए गए हैं असरदार
मॉडर्ना के अलावा फाइजर कंपनी ने भी नए वैरिएंट्स को लक्षित करने वाले टीके निर्मित किए हैं। इसके प्री-क्लिनिकल डेटा से पता चलता है कि ये वैक्सीन XBB.1.5, BA.2.86 (पिरोला) और EG.5.1 (एरिस) सहित ओमिक्रॉन के अन्य सब-वैरिएंट्स के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कर सकती है। BA.2.86 वैरिएंट के कारण कई देशों में तेजी से संक्रमण के मामले और अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ती देखी गई है। ये टीके नए वैरिएंट्स के खिलाफ शरीर को सुरक्षा देने में मददगार हो सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ
Moderna says updated COVID vaccine is effective against newer variant
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