फरवरी-मार्च के महीने में देश में मौसम में तेजी से बदलाव आने लगता है और बदलता मौसम कई प्रकार की बीमारियों और संक्रमण का कारक हो सकता है। विशेषतौर पर मौसम बदलने के कारण सीजनल फ्लू (इंफ्लूएंजा) के मामले सबसे ज्यादा देखे जाते रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनमें संक्रामक रोगों के विकसित होने का खतरा अधिक होता है। बच्चे और बुजुर्ग मौसमी फ्लू का अधिक शिकार होते हैं। मौसम में होने वाले परिवर्तन के साथ इस संक्रामक रोग से बचाव को लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
Seasonal Flu: स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह- सीजनल फ्लू से करें बचाव, जानिए इसके लिए क्या करें-क्या नहीं?
मौसमी फ्लू (इन्फ्लूएंजा) का खतरा
✅Take all precautionary measures to control #SeasonalFlu infection and avoid further health complications.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, मौसमी फ्लू को इन्फ्लूएंजा के नाम से भी जाना जाता है, ये वायरल संक्रमण श्वसन समस्याओं का कारण बनता है। इसके कारण सर्दी-जुकाम के साथ बुखार, शरीर-सिर में दर्द के साथ थकान की समस्या हो सकती है। इन्फ्लूएंजा वायरस, संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर आसानी से फैल सकता है। फ्लू का टीकाकरण इस बीमारी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है।
डॉक्टर कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में कुछ प्रकार के बदलाव करके भी आप संक्रामक रोगों के खतरे से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
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सीजनल फ्लू से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक पोस्ट में सीजनल फ्लू से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें, इसको लेकर स्पष्ट जानकारी साझा की है। आइए जानते हैं कि इस बदलते मौसम में स्वस्थ और फिट रहने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
- मास्क पहनें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें।
- छींकते और खांसते समय मुंह और नाक को ढकें।
- आंखों और नाक को बार-बार छूने से बचें।
- तरल पदार्थों-पानी का खूब सेवन करें।
- बुखार और शरीर में कुछ समय से दर्द महसूस हो रहा है तो पैरासिटामॉल लें।
संक्रामक रोग से बचाव के लिए क्या न करें?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीजनल फ्लू से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखने और उसे न करने की सलाह दी है। अगर आपमें फ्लू संक्रमण के लक्षण हैं तो हाथ न मिलाएं या लोगों से अन्य किसी प्रकार के संपर्क से बचें।
- सार्वजनिक स्थानों पर थूकें नहीं।
- दूसरों के करीब बैठकर एक साथ खाना न खाएं।
- डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा या एंटीबायोटिक्स न लें।
क्या है डब्ल्यूएचओ की सलाह?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कहता है, थोड़ी सी सावधानी आपको और परिवार के अन्य सदस्यों को इस संक्रामक रोग से सुरक्षित रख सकती है। मौसमी फ्लू आसानी से फैल सकता है, स्कूलों और नर्सिंग होम सहित भीड़-भाड़ वाली जगहों पर इसका प्रसार अधिक तेजी से होने का जोखिम रहता है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो इससे निकलने वाली ड्रॉपलेट (संक्रामक बूंदें) हवा में फैल जाती हैं और निकटतम व्यक्तियों को संक्रमित कर सकती हैं। संचरण को रोकने के लिए, खांसते समय अपने मुंह और नाक को रुमाल से ढकना और नियमित रूप से अपने हाथ धोना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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