पिछले दो-तीन दशक में जिन गंभीर रोगों के मामले सबसे तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं, कैंसर उनमें से एक है। कैंसर को सबसे घातक रोगों में से एक माना जाता है, इसके शिकार ज्यादातर लोगों की मौत हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक समय पर रोग का निदान न हो पाना, मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। अगर कैंसर का पता शुरुआती चरणों में ही लगा लिया जाए तो रोग के गंभीर रूप लेने और इसके कारण होने वाली मौत के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए आवश्यक है उन लक्षणों पर ध्यान देने की जिनके आधार पर कैंसर का शुरुआत में ही पता लगाया जा सकता है।
World Cancer Day: बेहद गंभीर माना जाता है फेफड़ों का कैंसर, शरीर में ऐसे लक्षण दिखते ही हो जाइए सावधान
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लगातार खांसी की दिक्कत बने रहना
लगातार खांसी बने रहने की दिक्कत वैसे तो कई कारणों से हो सकती है, कैंसर भी उनमें से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सर्दी या फ्लू के कारण भी खांसी हो सकती है हालांकि यह दस दिनों से अधिक नहीं रहती है। फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित लोगों में खांसी लगातार बनी रह सकती है। स्वाभाविक रूप से खांसी, बाहरी कणों को आपके वायुमार्ग और फेफड़ों में प्रवेश करने से रोकने का एक तरीका है, लेकिन लंबे समय तक खांसी रहना फेफड़ों के कैंसर का सबसे प्रमुख संकेत होता है। कुछ लोगों को खांसी के साथ खून आने की भी दिक्कत हो सकती है।
वजन का लगातार कम होते रहना
कैंसर के रोगियों में लगातार वजन कम होने की समस्या सबसे आम है। कम अवधि के भीतर बिना किसी प्रयास के 4 किलो या उससे अधिक वजन का कम होना अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि के कारण भी भूख में कमी और शरीर के वजन में कमी हो सकती है। कैंसर से पीड़ित होने पर आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन से उत्पन्न ऊर्जा का उपभोग कैंसर कोशिकाएं अपने विकास के लिए करने लगती हैं जिससे कि थकान और वजन कम होता है। वजन का कम होते रहना कैंसर का महत्वपूर्ण संकेत है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
सांस लेने में दिक्कत महसूस होना
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक फेफड़ों के कैंसर के कारण आपको सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है। जब कैंसर कोशिकाएं फेफड़ों में तेजी से बढ़ना शुरू कर देती हैं, तो वे वायुमार्ग को अवरुद्ध या उन्हें संकीर्ण कर देती हैं, जिससे फेफड़ों में हवा का प्रवाह कम हो जाता है। इन स्थितियों में सांस लेने में समस्या हो सकती है। वैसे कई अन्य स्थितियों में भी सांस न आने की दिक्कत महसूस हो सकती है पर अगर आपको लंबे समय से इस तरह की दिक्कत बनी हुई है तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
शरीर में दर्द बने रहना
शरीर में लगातार लंबे समय से दर्द बने रहने की समस्या को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। फेफड़े के कैंसर से पीड़ित लोगों को विशेष रूप से छाती, कंधों या पीठ में दर्द हो सकता है। यदि आपको भी छाती में लगातार दर्द की समस्या महसूस होती रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। यह फेफड़े के कैंसर का भी संकेत हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।