कई दशकों से नींबू पानी का सेवन तमाम तरह के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए किया जाता रहा है। कोरोना काल में इसका चलन और भी बढ़ गया, नतीजा यह रहा कि कुछ समय पहले तक चाय-कॉफी के साथ दिन की शुरुआत करने वालों ने सबुह-सुबह नींबू पानी पीना शुरू कर दिया है। आयुर्वेद के साथ आधुनिक चिकित्सा पद्धति भी नींबू-पानी पीने को सेहत के लिए काफी लाभदायक मानती है। अध्ययनों से पता चलता है कि नींबू पानी पीना वजन कम करने के साथ कई प्रकार के संक्रमण के खतरे को कम करने और बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहायक हो सकता है।
आज का हेल्थ टिप्स: सुबह-सुबह नींबू पानी पीने के हो सकते हैं चमत्कारी फायदे, इन समस्याओं का है रामबाण इलाज
खाली पेट नींबू पानी पीने के फायदे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक नींबू पानी से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए इसका खाली पेट सेवन ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। यह एंजाइम फ़ंक्शन को बढ़ाने के साथ लिवर को उत्तेजित करके पित्त प्रवाह को सक्रिय करता है। ऐसे में शरीर से तमाम तरह के विषाक्त पदार्थों को निकालना आसान हो जाता है। वजन कम करने की कोशिशों में लगे हुए लोगों के लिए भी खाली पेट नींबू पानी पीने से लाभ मिल सकता है।
इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में है सहायक
कोरोना की इन विपरीत परिस्थितियों में हर कोई इम्यूनिटी बढ़ाने की कोशिशों में लगा हुआ है। नींबू पानी पीना इस मामले में आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। नींबू जैसे खट्टे फलों को विटामिन-सी काअच्छा स्रोत माना जाता है जो इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक होता है। विटामिन-सी हृदय रोग और स्ट्रोक के साथ, लो-ब्लड प्रेशर के जोखिम को कम कर सकता है।
एक नींबू के रस से लगभग 18.6 मिलीग्राम की मात्रा में विटामिन-सी प्राप्त किया जा सकता है।
त्वचा बनती है चमकदार
नींबू में पाया जाने वाला विटामिन-सी त्वचा की झुर्रियों को कम करने और धूप से त्वचा को होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखने में सहायक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, यदि त्वचा की नमी कम हो जाए तो वह शुष्क होने लगती है और झुर्रियों का खतरा बढ़ जाता है। साल 2016 के एक प्रयोगशाला अध्ययन से पता चलता है कि साइट्रस-आधारित पेय, त्वचा में झुर्रियों को बनने से रोकने में सहायक हो सकते हैं।
वजन कम करने में कारगर
अनुसंधानों से पता चलता है कि नींबू में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल एंटीऑक्सिडेंट मोटापे को बढ़ाने वाले कारकों को कम करने में सहायक हो सकते हैं। चूहों पर किए गए अध्ययन में इसके विशेष लाभ देखने को मिले हैं। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि नींबू में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट यौगिक रक्त शर्करा के स्तर को कम करने और इंसुलिन प्रतिरोध में सुधार करने में भी सहायक हैं, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी कम हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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