हर किसी का सपना होता है कि उसका दिमाग तेज हो, इसके लिए बचपन से ही प्रयास किए जाते हैं। बच्चों को भीगे हुए बदाम खिलाए जाते हैं, ताकि उनका मानसिक विकास तेजी से हो सके और दिमाग तेज बने। पर क्या सिर्फ बादाम खाकर ही दिमाग को तेज बनाया जा सकता है? जवाब है-नहीं, दिमाग के संपूर्ण विकास के लिए कई सारे पौष्टिक चीजों के सेवन की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हम जिस प्रकार के आहार का सेवन करते हैं, वह हमारे दिमाग की संरचना और स्वास्थ्य पर विशेष प्रभाव डालता है। ऐसे में बचपन से ही उन चीजों का सेवन अधिक करना चाहिए जो मस्तिष्क को पर्याप्त पोषण दे सकते हैं।
सलाह: कंप्यूटर की तरह चाहते हैं तेज दिमाग तो आहार में इन चीजों को कर लें शामिल, जल्द दिखेगा लाभ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए ओमेगा-3 का करें सेवन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों को मुताबिक दिमाग को तेज बनाए रखने के साथ पर्याप्त पोषण को लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड की आवश्यकता होती है। अध्ययनों से पता चलता है कि ओमेगा -3 फैटी एसिड, न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों के जोखिम को कम करने के साथ मस्तिष्क के कार्यों को आसान बनाता है। वसायुक्त मछलियों को ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत माना जाता है।
अखरोट का सेवन है फायदेमंद
कई अध्ययनों से पता चलता है कि मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए सभी लोगों को नट्स का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। नट्स में अखरोट, मूंगफली और पेकान आदि का सेवन ज्यादा लाभदायक माना जाता है। जर्नल न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में अखरोट का सेवन सबसे फायदेमंद हो सकता है। याददाश्त में सुधार करने के साथ मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने में अखरोट का सेवन फायदेमंद हो सकता है। यह दिमाग को तेज करने में बेहद फायदेमंद हो सकता है।
डार्क चॉकलेट खाने के फायदे
मस्तिष्क के संपूर्ण विकास के लिए डार्क चॉकलेट खाना फायदेमंद हो सकता है। डार्क चॉकलेट में कोको होता है जिसमें फ्लेवोनोइड्स नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए इस एंटीऑक्सिडेंट की विशेष भूमिका हो सकती है। साल 2013 में किए गए एक समीक्षा के अनुसार डार्क चॉकलेट का सेवन दिमाग को तेज करने, याददाश्त को बढ़ाने और रक्त को बढ़ाने के लिए फायदेमंद हो सकता है।
------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला के हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।