Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
नींबू पानी तो आपने पिया ही होगा, तो जाहिर है आप इसके गुणों से भी वाकिफ ही होंगे। दरअसल, यह भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में से एक है। इसका इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए तो किया ही जाता है, साथ ही आयुर्वेद और पारंपरिक औषधियों में भी कई तरह से इसका इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग तो वजन घटाने के लिए नियमित रूप से नींबू पानी पीते हैं। वहीं इसमें शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल कर शरीर को स्वस्छ बनाने वाले गुण भी पाए जाते हैं। चूंकि नींबू को विटामिन-सी का बेहतरीन स्रोत माना जाता है, ऐसे में यह शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाता है और एंटी-एजिंग का भी काम करता है। ये तो हो गई नींबू से होने वाले फायदों की बातें, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका अधिक सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है? आइए जानत हैं कि नींबू के अधिक सेवन से किस तरह की समस्याएं हो सकती हैं?
सावधान: नींबू का अधिक सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक, हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं
दांतों को पहुंच सकता है नुकसान
- नींबू में सिट्रस एसिड होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर दांतों में इसका ज्यादा संपर्क हो तो दांत संवेदनशील हो जाते हैं। बार-बार नींबू के रस के संपर्क से दांतों की ऊपरी सतह को नुकसान पहुंच सकता है। इसीलिए नींबू के रस को पानी में मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है।
बढ़ सकती है एसिडिटी की समस्या
- अगर आपको एसिडिटी की समस्या है तो नींबू का सेवन बिल्कुल न करें, क्योंकि इसमें एसिड होता है और यह आपकी समस्या को और बढ़ा सकता है। इसके अलावा नींबू पानी का अधिक सेवन सीने में जलन की समस्या भी पैदा कर सकता है।
अस्थमा में नुकसानदायक है नींबू का अधिक सेवन
- नींबू का अधिक सेवन करने से अस्थमा की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा अगर आपको माइग्रेन की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह पर ही नींबू का सेवन करें, कहीं ऐसा न हो कि ये आपकी समस्याओं को और बढ़ा दे।
अल्सर की समस्या में है नुकसानदायक
- चूंकि नींबू अत्यधिक अम्लीय होता है और ज्यादा अम्लीय चीजों के सेवन से ही अल्सर की समस्या होती है, ऐसे में विशेषज्ञ कहते हैं कि नींबू पानी के अधिक सेवन से पेप्टिक अल्सर की समस्या और भी गंभीर हो सकती है। ऐसे मरीजों को नींबू पानी के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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