कोरोनावायरस वैश्विक स्तर पर पिछले तीन साल से अधिक समय से गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का कारण बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन दिनों कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट्स का जोखिम भी तेजी से बढ़ता जा रहा है, ये वैरिएंट्स अपेक्षाकृत अधिक संक्रामकता वाले बताए जा रहे हैं और इसकी शरीर की प्रतिरक्षा को चकमा देने वाली क्षमता के कारण उन लोगों में भी संक्रमण का जोखिम बना हुआ है जिनका पहले वैक्सीनेशन हो चुका है या फिर जिनके शरीर में प्राकृतिक संक्रमण के बाद इम्युनिटी विकसित हो चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को कोरोना के जोखिमों को लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
Study: आप अपने साथ लेकर घूम रहे हैं कोरोना का सबसे बड़ा स्रोत, हाथ धोते रहने के बाद भी इससे हो सकता है संक्रमण
फोन पर हो सकते हैं गंभीर वायरस
अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर शोधकर्ताओं ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए बहुत जरूरी है कि आप फोन को समय-समय पर साफ करते रहें। ऑस्ट्रेलिया में बॉन्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 10 देशों में किए गए 15 अध्ययनों की व्यापक समीक्षा की, जिनमें 2019 से 2023 तक अस्पताल सेटिंग्स में मोबाइल फोन पर सार्स-सीएवी-2 की जांच की गई।
जांचे गए 511 फोनों में से 231 (45 प्रतिशत) पर कोरोनावायरस के मौजूदगी की पुष्टि की गई। शोधकर्ताओं का कहना है कि ये संक्रमण के प्रसार को बढ़ाने का एक प्रमुख कारण हो सकती है, जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
अध्ययन में क्या पता चला?
जर्नल ऑफ इंफेक्शन एंड पब्लिक में प्रकाशित किए गए रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना का वायरस मोबाइल फोन जैसी कांच की सतहों पर 28 दिनों तक जीवित रह सकता है। दुनिया भर में सात अरब से अधिक मोबाइल फोन उपयोग में हैं, ये उपकरण प्रभावी रूप से कोरोना संक्रमण के लिए 'थर्ड हैंड' के रूप में कार्य करते हैं।
विश्वविद्यालय में आणविक जीवविज्ञान के प्रमुख शोधकर्ता और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लोटी ताजौरी का मानना है कि संक्रामक रोगों की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए ये बड़ा जोखिम कारक है। लॉकडाउन, सीमा बंदी, सामाजिक दूरी जैसे कड़े नियंत्रण उपायों के बावजूद, कोविड-19 के तेजी से वैश्विक प्रसार के लिए यह बड़ा जोखिम हो सकता है, जिसे हमेशा हम अपने साथ लेकर घूम रहे होते हैं।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
शोधकर्ता कहते हैं 'आप जितनी बार चाहें अपने हाथ धो सकते हैं, लेकिन जैसे ही आप अपने मोबाइल फोन को छूते हैं, आप खुद को फिर से दूषित कर लेते हैं। अध्ययन का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 26 स्वास्थ्य कर्मियों के मोबाइल फोन पर 11,163 रोगाणु पाए गए, जिनमें रोगजनक वायरस और एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया भी शामिल थे।
यह सिर्फ कोरोनावायरस के लिए ही जोखिम कारक नहीं है, फोन के माध्यम से कई और प्रकार के संक्रामक रोगों के बढ़ने का भी जोखिम हो सकता है।
हाथों के साथ फोन की स्वच्छता का भी रखें ध्यान
अध्ययन के निष्कर्षों पर प्रकाश डालते हुए शोधकर्ता बताते हैं, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने साथ पराबैंगनी-सी लाइट फोन सैनिटाइज़र की भी व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे फोन पर मौजूद बैक्टीरिया और वायरस के खतरे को कम किया जा सके। यूवी-सी लाइट, माइक्रोबियल डीएनए को नष्ट करके कीटाणुओं को प्रभावी ढंग से मारता है और 5-10 सेकंड के भीतर फोन को कीटाणुरहित कर सकता है।
जहां ये सुविधा नहीं है उन्हें फोन की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
Presence of Multidrug-Resistant Bacteria on Mobile Phones of Healthcare Workers Accelerates the Spread of Nosocomial Infection and Regarded as a Threat to Public Health in Bangladesh
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