हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय वायु सेना के उस फैसले को अपनी मंजूरी दी जिसके तहत टैटू बनवाने वाले शख्स की भर्ती नहीं की जाएगी। वैसे तो यह मामला सिर्फ सेना की भर्ती से जुड़ा है, लेकिन टैटू को लेकर इन दिनों मचे बवाल के बीच यह बात भी सामने आई है कि शरीर पर टैटू बनवाने से सेहत को भी नुकसान पहुंच सकता है।
टैटू बनवाने के बाद आप नहीं कर सकते हैं यह काम, वर्ना चुकानी पड़ सकती है बड़ी कीमत
नहीं कर सकते रक्तदान
टैटू बनवाने के बाद छह महीने से लेकर सालभर तक आप ब्लड डोनेट नहीं कर सकते। विशेषज्ञों का मानना है कि टैटू बनवाते वक्त जिस सुई का इस्तेमाल किया जाता है उसकी वजह से एचआईवी या हेपटाइटिस से संक्रिमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलवा, शरीर के जिस हिस्से पर टैटू बनवाया गया है उसे रिकवर होने में भी वक्त लगता है। इस वजह से रक्तदान नहीं करने की सलाह दी जाती है।
सोराइसिस
टैटू बनवाने से त्वचा संबंधी कई बीमारियां हो सकती हैं। इसमें एक अहम है सोराइसिस। यह एक त्वचा रोग होता है जिसका इलाज बेहद मुश्किल होता है। साथ ही टैटू बनवाने में एक इंसान पर इस्तेमाल की गई सुई को ही दूसरे पर इस्तेमाल किया जाता है जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है। कई बार टैटू बनाने के लिए जिस स्याही का इस्तेमाल किया जाता है उनमें ऐसी धातुएं डाली जाती हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए हमेशा अच्छी जगह और किसी स्पेशलिस्ट से ही टैटू बनवाएं।
रैशेज, सूजन
टैटू बनवाने के बाद त्वचा के आस-पास के हिस्सों पर रैशेज होने का खतरा होता है। वहीं कई लोगों को सूजन भी हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि टैटू की वजह से बैक्टीरियल इंफेक्शन होने का भी खतरा होता है।
मांसपेशियों का दर्द
कई बार लोग बिना सोचे-समझे शरीर के किसी भी अंग पर टैटू बनवा लेते हैं, जिस वजह से उन्हें मांसपेशियों के दर्द से जूझना पड़ता है। इसलिए टैटू बनवाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें।