पिछले कुछ सालों में मिर्गी के बीमारी को लेकर लोग ज्यादा जागरूकता आ गई है। कुछ समय पहले लोग इस बीमारी को लेकर बेहद ही उल्टा- पुल्टा सोचते थे। पुराने जमाने में इस बीमारी का झाड़फूंक करवाते थे। लोगों का मानना था मिर्गी एक लाइलाज बीमारी है जिसका इलाज होना संभव नहीं है, लेकिन आज के समय में इस बीमारी का इलाज संभव हो गया है। इसका इलाज सिर्फ मेडिकल साइंस में भी संभव है। डॉक्टरों का कहना है कि मिर्गी कि रोगियों की संख्या पिछले दस साल में 30 प्रतिशत ज्यादा बढ़ गई है।
ये लक्षण हैं तो आपको भी हो सकती है मिर्गी, जानिए बचाव के उपाय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉक्टरों का मानना है कि मिर्गी की बीमारी दो प्रकार की होती है। कुछ मरीजों को दिमाग के एक हिस्से में मिर्गी का दौडा पड़ता है, तो वहीं कुछ मरीजों के दिमाग के पूरे हिस्से में मिर्गी का दौड़ा पड़ता है। अगर आप इसका इलाज समय से करवा लें तो लगातार दो से तीन साल तक इसका दवा खाने से यह बीमारी ठीक हो जाती है।
डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी के बारे में कभी भी परिवार वालों से छुपाना नहीं चाहिए और समय पर इसकी पूरी जानकारी अपने परिवार वालों को देकर अपना इलाज शुरू करना चाहिए। ऐसा करने से आपको तुरंत इस बीमारी से राहत मिलेगा। 20 से 30 प्रतिशत मरीज दवा पर निर्भर रहते हैं तो वहीं 10 प्रतिशत मरीजों को ऑप्रेशन की जरूरत पड़ती है।
बात करते-करते अचानक आपका दिमाग काला हो जाना
दिमाग के मांशपेशियों का फड़फड़ाना
अचानक से कुछ समझ नहीं आना
सिर पर चोट लगना
दिमाग में कीड़े की गाढ़ बनना
ऐसे करे बचाव नींद पूरी लें, कच्ची सब्जियों से परहेज, साफ-सुथरी धुली सब्जियां खाएं।
नोटः यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया है। यदि आप किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।