कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रही दुनिया को रूस ने अगस्त में चौंका दिया था, जब दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने का दावा किया था। रूस ने 'स्पुतनिक-वी' नाम से वैक्सीन को तीसरे चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले ही मंजूरी दे दी थी। इसे गामलेया इंस्टिट्यूट ने तैयार किया था। हालांकि इस पर कई सवाल भी उठे, आरोप भी लगाए गए, जिनसे रूस ने किनारा कर लिया। अब रूस दूसरी कोरोना वैक्सीन लॉन्च करने की तैयारी में है। इस वैक्सीन का नाम एपिवैककोरोना (EpiVacCorona) रखा गया है, जिसे रूस की वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी ने तैयार किया है। यह रूस के अग्रणी शोध संस्थानों में से एक है।
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Coronavirus Vaccine
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एपिवैककोरोना (EpiVacCorona) नाम की यह वैक्सीन क्लिनिकल परीक्षणों में सफल साबित हुई है। हालांकि अभी इसके अंतिम चरण के ट्रायल पूरे नहीं हुए हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि यह रूस की दूसरी सफल वैक्सीन के तौर पर सामने आई है। खबरों के मुताबिक, यह वैक्सीन जल्द ही लॉन्च हो सकती है। आइए जानते हैं, इस वैक्सीन का उत्पादन आखिर कब से शुरू होगा और कबतक यह वैक्सीन बाजार में उपलब्ध होगी:
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Corona Vaccine
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वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी के प्रेस विभाग ने न्यूज एजेंसी इंटरफैक्स को बताया है कि पहले और दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल में यह वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी साबित हुई है। रिसर्च सेंटर का कहना है कि वैक्सीन के पंजीकरण के बाद साइबेरिया में करीब 5,000 वॉलंटियर्स पर इसके अंतिम चरण का ट्रायल शुरू किया जाएगा।
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वेक्टर रिसर्च सेंटर के मुताबिक, वैक्सीन का ट्रायल बुजुर्गों पर भी किया जाएगा। ट्रायल में 60 साल से अधिक उम्र के 150 वॉलंटियर्स को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही एक प्लेसेबो नियंत्रित ट्रायल भी शुरू किया जाएगा, जिसमें 18 से 60 साल के बीच के उम्र वाले 5,000 लोगों को शामिल किया जाएगा।
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वैक्सीन के उत्पादन के बारे में रिसर्च सेंटर का कहना है कि यह अगले महीने यानी नंवबर में शुरू किया जाएगा। खबरों के मुताबिक, शुरुआत में वैक्सीन की 10,000 खुराक ही तैयार की जाएगी। उसके बाद धीरे-धीरे उत्पादन बढ़ाया जाएगा। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को का कहना है कि इस एपिवैक कोरोना वैक्सीन को तीन हफ्ते के अंदर मंजूरी दी जा सकती है।