दुनियाभर में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ये बीमारी वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के अनुमानों के मुताबिक, दुनिया में हर छह में से एक मौत कैंसर के कारण होती है। ऐसे में स्वस्थ खानपान और बेहतर जीवनशैली अपनाना जरूरी है।
हेल्थ टिप्स: कैंसर का जोखिम कम करना है तो डाइट में शामिल करें ये औषधियां, मिलेंगे कई फायदे
cancer Prevention Foods: कैंसर का खतरा कम करने के लिए खानपान और बेहतर जीवनशैली जरूरी है। हल्दी, काली मिर्च, अदरक और मोरिंगा में एंटीऑक्सीडेंट व एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। अध्ययनों में इनके संभावित कैंसर रोधी प्रभाव सामने आए हैं।
हल्दी का सेवन हो सकता है फायदेमंद
भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली हल्दी को आयुर्वेद में लंबे समय से विशेष महत्व दिया गया है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक एक्टिव कंपाउंड को इसके कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है।
- शोधकर्ताओं के अनुसार, करक्यूमिन में सूजन कम करने और कैंसर कोशिकाओं के विकास से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की क्षमता हो सकती है। इसी कारण कैंसर के संभावित जोखिम को कम करने में इसकी भूमिका को लेकर लगातार अध्ययन किए जा रहे हैं।
काली मिर्च में भी पाए जाते हैं कैंसर रोधी गुण
काली मिर्च का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक औषधि के रूप में भी किया जाता रहा है। इसमें पिपेरिन नामक सक्रिय यौगिक पाया जाता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।
- एक अध्ययन में पाया गया कि काली मिर्च स्तन कैंसर के ट्यूमर में मौजूद कैंसर स्टेम कोशिकाओं के विकास को रोकने में प्रभावी हो सकती है। इसमें मौजूद पिपेरिन और अन्य सक्रिय तत्वों के संभावित एंटी-कैंसर प्रभावों पर भी शोध किया गया है।
अदरक भी हो सकता है फायदेमंद
- अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण वाले सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं। कुछ शोधों में कैंसर कोशिकाओं के विकास पर इनके प्रभाव का अध्ययन किया गया है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ एनेस्थीसिया में साल 2000 में प्रकाशित समीक्षा के अनुसार, अदरक कीमोथेरेपी से होने वाली मतली और उल्टी को कम करने में मददगार हो सकता है। सर्जरी के आसपास इसके सेवन को लेकर डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
सहजन के भी हैं संभावित फायदे
- सहजन पोषक तत्वों से भरपूर होता है। जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल थेराप्यूटिक्स इन ऑन्कोलॉजी में साल 2006 में प्रकाशित एक टेस्ट ट्यूब अध्ययन में पाया गया कि सहजन कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में प्रभावी हो सकता है। इसके अलावा खांसी, गले में खराश, बुखार और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं में इसके संभावित लाभों पर भी शोध हुए हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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