किडनी स्टोन की समस्या सभी उम्र के लोगों कॉफी कॉमन है। बोलचाल की भाषा में इसे किडनी में पत्थर बनना कहा जाता है, पर क्या वास्तव में हमारे शरीर में भी पत्थर बन सकते हैं? ये पत्थर आते कहां से हैं? इस आर्टिकल में हम किडनी स्टोन के बारे में विस्तार से समझने की कोशिश करेंगे।
Kidney Stone: आखिर क्यों बनने लगती है किडनी में पथरी? इन तथ्यों से ज्यादातर लोग होते हैं अनजान
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किडनी स्टोन बनने के कारण
कुछ जोखिम कारक हैं जो आपमें किडनी स्टोन की समस्या को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। सभी लोगों को इससे बचाव के उपाय करते रहना चाहिए। आमतौर पर 30-40 की उम्र में पुरुषों में गुर्दे की पथरी होने की आशंका सबसे अधिक होती है। हालांकि, यह किसी को भी हो सकती है। इन जोखिम कारकों को किडनी स्टोन के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
- पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन न करना।
- ऐसा आहार लेना जिसमें पथरी बनाने वाले पदार्थ शामिल हों (फॉस्फेट, मांस, मछली, बीन्स और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ)
- परिवार में पहले से किसी को किडनी स्टोन की समस्या रही हो तो भी इसका जोखिम हो सकता है।
- यदि आपके मूत्र पथ में किसी कारण से रुकावट हो रही है तो इसके कारण भी जोखिम बढ़ जाता है।
ये बीमारियां भी बढ़ा सकती हैं जोखिम
कुछ चिकित्सीय स्थितियां भी आपकी किडनी में पथरी बनने का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा अगर आप लंबे समय से दवाइयों का सेवन कर रहे हैं और किडनी इसको फिल्टर नहीं कर पा रही है तो इससे भी स्टोन बनने का खतरा हो सकता है। अगर आप इन बीमारियों के शिकार हैं तो भी बचाव को लेकर गंभीरता बरतें।
- हाइपरकैल्शीमिया (आपके मूत्र में कैल्शियम की अधिकता)।
- उच्च रक्तचाप-मधुमेह।
- मोटापा।
- ऑस्टियोपोरोसिस, गाउट और सिस्टिक फाइब्रोसिस।
- किडनी सिस्ट की समस्या
- आंतों में सूजन से संबंधित रोग
कहीं आप भी तो नहीं पीते हैं कम पानी?
किडनी में स्टोन बनने का एक कारण कम पानी पीना भी रहा है। अगर आप कम पानी पीते हैं तो किडनी को फिल्टर करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जबकि पानी पीते रहने से मूत्र का उत्पादन होता रहता है जिससे अपशिष्ट बाहर निकलते रहते हैं। पानी पीते रहना न सिर्फ आपको किडनी स्टोन से बचाता है साथ ही अगर आपको किडनी में स्टोन हो भी जाता है तो पानी पीते रहने से इसके निकलने की संभावना अधिक होती है।
शरीर को स्वस्थ रखने और इस तरह की समस्याओं को कम करने के लिए दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पीते रहना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।