किडनी हमारे शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। रक्त से विषाक्त पदार्थों को हटाने और इसे साफ करने और अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र से माध्यम से शरीर से बाहर निकालने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। दोनों किडनी मिलकर हर 24 घंटे में लगभग 200 लीटर तरल पदार्थ फिल्टर करती हैं। यदि यह अंग ठीक से काम न करे या किडनी से संबंधित आपको कोई बीमारी हो जाए तो शरीर के डिटॉक्सीनेशन की प्रक्रिया बाधित हो जाती है, शरीर में विषाक्त्तता बढ़ने लगती है। इसके कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
Kidney Health: ये चार चीजें आपकी किडनी के लिए हैं बहुत नुकसानदायक, सेहतमंद रहना है तो इन आदतों में करें सुधार
पर्याप्त पानी न पीना नुकसानदायक
किडनी स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि आप दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी या स्वस्थ तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। शरीर के अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहने से किडनी को शरीर से अतिरिक्त सोडियम और विषाक्त पदार्थों को साफ करने में मदद मिलती है। किडनी की पथरी से बचने के लिए भी खूब पानी पीना सबसे अच्छा उपाय माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर लोगों के लिए प्रतिदिन 3 से 4 लीटर पानी पीना पर्याप्त माना जाता है। अगर आप कम पानी पीते हैं तो इससे किडनी की समस्याओं के बढ़ने का खतरा हो सकता है।
खुद से न करें किसी भी दवा का सेवन
दवाओं के अधिक सेवन, विशेषकर ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाएं आपकी किडनी के लिए हानिकारक हो सकती हैं। एनएसएआईडी (नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स) दवाओं को किडनी को क्षति पहुंचाने वाला माना जाता है। एनएसएआईडी का नियमित उपयोग कम करें और अनुशंसित खुराक से अधिक न लें। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवा के सेवन से बचना चाहिए।
अधिक नमक और चीनी दोनों हानिकारक
अधिक नमक वाले आहार में सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जो रक्तचाप बढ़ा सकती है। इससे आपकी किडनी को भी नुकसान हो सकती है। भोजन में अतिरिक्त सोडियम को किडनी ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती है जिससे ये क्रिस्टल के रूप में जमा होने लग जाते हैं।
नमक की तरह ही अधिक मात्रा में चीनी भी हानिकारक है। ये न सिर्फ मोटापे को बढ़ा देती है साथ ही इसकी अधिक मात्रा के कारण किडनी की बीमारियों के बढ़ने का भी खतरा रहता है। इन दोनों का सेवन कम से कम किया जाना चाहिए।
शराब-धूम्रपान भी नुकसानदायक
शोधकर्ताओं ने पाया कि अधिक शराब पीने वालों या धूम्रपान करने वालों में भी किडनी की समस्याओं का खतरा अधिक पाया गया है। धूम्रपान या बहुत अधिक शराब पीने वाले लोगों में क्रोनिक किडनी डिजीज विकसित होने की आशंका उन लोगों की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक पाई गई है जो धूम्रपान नहीं करते हैं या शराब नहीं पीते हैं।
किडनी-लिवर सहित पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शराब-धूम्रपान दोनों से दूरी बना लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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