पिछले एक दशक में जिन स्वास्थ्य समस्याओं ने लोगों को सबसे ज्यादा परेशान किया है, मोटापा उनमें से एक है। अधिक वजन या मोटापे की समस्या को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए काफी नुकसानदायक मानते हैं। अध्ययनों से पता चलता है सामान्य से अधिक वजन वाले लोगों में डायबिटीज, हृदय रोग जैसी कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा अधिक हो सकता है। यही कारण है कि लोग तरह-तरह के उपायों को प्रयोग में लाकर वजन घटाने के प्रयास करते रहते हैं। 'कीटो डाइट' ऐसा ही वजन घटाने का एक असरदार तरीका माना जाता है।
जानना जरूरी: कीटो डाइट के प्रभाव को कम कर सकती हैं ये चार गलतियां, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान
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शरीर को डिहाइड्रेट न होने दें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक 'कीटो डाइट' को प्रयोग में लाने के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। कई लोग डाइट के दौरान पानी पीना कम कर देते हैं, जोकि गलत है। भरपूर मात्रा में पानी पिएं। हालांकि इस दौरान सोडा, एडेड शुगर वाले पेय पदार्थ या एनर्जी ड्रिंक आदि से परहेज करना चाहिए। ये सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
पर्याप्त मात्रा में आराम न करना
अध्ययनों से पता चला है कि तनाव वजन बढ़ने का एक कारण हो सकता है। पर्याप्त मात्रा में नींद न लेने से कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर में वृद्धि हो सकती है, यह तनाव को बढ़ाने वाला हार्मोन है। इसकी अधिकता से तनाव, चिंता, थकान और अन्य प्रकार के शारीरिक और मानसिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। शरीर को पूरा आराम न मिलने से कीटो डाइट का प्रभाव कम हो सकता है। इसलिए इस डाइट का पालन करने वाले लोगों को पर्याप्त मात्रा में शरीर को आराम जरूर देना चाहिए।
आहार का संतुलित न होना
कीटो डाइट को एक प्रतिबंधात्मक आहार माना जाता है जिसके लिए आपको अपने खान-पान की आदतों में बदलाव की आवश्यकता होती है। आहार में संतुलन को बनाए रखने के लिए वसा, प्रोटीन, सोडियम और तमाम तरह के अन्य पोषक तत्वों वाली चीजों को भोजन में जरूर शामिल करें। डाइट लेने का मतलब भोजन छोड़ने से ज्यादा, सही औऱ पौष्टिक मात्रा में सेवन पर ध्यान देना होता है।
कीटो फ्लू को न करें नजरअंदाज
आहार विशेषज्ञों के मुताबिक कार्ब्स के सेवन में अचानक कमी और आहार में बदलाव के कारण कीटो फ्लू नामक स्थिति हो सकती है। कीटो फ्लू के लक्षणों में मतली, थकान, कब्ज, सिरदर्द आदि शामिल हैं। यही कारण है कि कीटो डाइट लेने से पहले इस तरह की जटिलताओं से बेहतर तरीके से निपटने के लिए तैयारी कर लें। इस बारे में किसी आहार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।