मशहूर टेलीविजन अभिनेत्री जैस्मिन भसीन आंखों की एक गंभीर समस्या से जूझ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनमें कॉर्नियल डैमेज नामक समस्या का निदान किया गया है। काम के सिलसिले में जैस्मिन दिल्ली में थी, इस दौरान उन्हें कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के बाद आंखों में दर्द और असहजता महसूस होने लगी। जांच में आंखों की कार्निया में क्षति पाई गई, फिलहाल वह इलाज ले रही हैं। जैस्मिन की आंखों पर पट्टी बंधी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
Jasmin Bhasin: जैस्मिन भसीन को कॉर्नियल डैमेज की समस्या, डॉक्टर ने बताए इसके कारण और बचाव के तरीके
क्यों हुई जैस्मिन को ये दिक्कत?
कॉर्नियल डैमेज की समस्या के बारे में जानने से पहले आइए जानते हैं कि जैस्मिन भसीन को ये समस्या क्यों हुई?
एक रिपोर्ट में जैस्मिन कहती हैं, मैं 17 जुलाई को एक कार्यक्रम के लिए दिल्ली में थी, जिसके लिए मैं तैयारी कर रही थी। मुझे नहीं पता कि मेरे लेंस में क्या गड़बड़ हुई, लेकिन इसे पहनने के बाद मेरी आंखों में दर्द होने लगा और दर्द धीरे-धीरे बढ़ता गया। मैं डॉक्टर से मिलना चाहती थी, लेकिन काम की व्यस्तताओं के कारण मैंने पहले कार्यक्रम में भाग लेने और फिर डॉक्टर से मिलने का फैसला किया। कार्यक्रम के दौरान सनग्लास पहना था, कुछ समय बाद मैं ठीक से देख भी नहीं पा रही थी।
हम देर रात नेत्र विशेषज्ञ के पास गए, वहां जांच के बाद बताया गया कि मुझे कॉर्नियल डैमेज की समस्या है और मेरी आंखों पर पट्टियां बांध दी। डॉक्टरों ने बताया है कि मैं अगले चार से पांच दिनों में ठीक हो जाऊंगी, लेकिन तब तक मुझे अपनी आंखों की अच्छी देखभाल करनी होगी।
यह आसान नहीं है क्योंकि मैं ठीक से देख नहीं पाती और दर्द के कारण सोना भी मुश्किल हो गया है। मुझे उम्मीद है कि कुछ दिनों में मैं ठीक हो जाऊंगी और काम पर वापस लौट सकूंगी।
जानिए क्या होती है कॉर्नियल डैमेज की दिक्कत?
कॉर्निया आंख के सामने की बाहरी परत होती है। ये आपकी आंखों में प्रकाश को केंद्रित करने में मदद करती है ताकि आप स्पष्ट रूप से देख सकें। ऐसी कई सामान्य स्थितियां हैं जो कॉर्निया को प्रभावित करती हैं। आंखों में किसी तरह की चोट लगने, एलर्जी, एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस आदि के कारण कार्निया की समस्या हो सकती है।
कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के बाद जैस्मिन को आंखों की ये दिक्कत हुई। इस बारे में दिल्ली स्थित शार्प साईट आई हॉस्पिटल्स में वरिष्ठ कॉर्निया चिकित्सक डॉ. (ब्रिगेडियर) विजय माथुर ने अमर उजाला को बताया कि कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से आंखों में ऑक्सीजन का संचार बाधित हो सकता है, जिससे कॉर्निया के प्रभावित होने का खतरा रहता है।
कॉर्निया में होने वाली समस्याओं के लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कॉन्टैक्ट लेंस के कारण जैसे इसके अधिक उपयोग, खराब फिटिंग या कॉन्टैक्ट लेंस के रखरखाव को लेकर लापरवाही की वजह से आंखों में कई तरह की दिक्कतें होने का खतरा रहता है। खासतौर पर कॉस्मेटिक रूप से कॉन्टैक्ट लेंस के इस्तेमाल को आंखों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।
कॉर्निया में किसी प्रकार की क्षति-चोट या संक्रमण के कारण आंखों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इसमें धुंधला दिखाई देना, आंख में दर्द-चुभन और जलन होना, ऐसा महसूस होना कि आपकी आंख में कुछ है और प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता महसूस होना आम है। कुछ लोगों को आंख के लाल होने, पलकों में सूजन, आंखों से पानी आने जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। इन स्थितियों में तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए।
आंखों की समस्याओं से बचाव के तरीके
कॉर्नियल डैमेज या आंखों की समस्याओं से बचाव के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। डॉ विजय माथुर बताते हैं, कॉन्टैक्ट लेंस को ज्यादा समय लिए पहनने से बचें और उसे उतारने के बाद अच्छे से साफ करके ही रखें। जब तक आंखों में कॉन्टैक्ट लेंस लगा हुआ है तब तक आंखों को रगड़ने और आंखों के मेकअप से बचना चाहिए। आंखें बहुत नाजुक अंग हैं इसलिए इनका विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी हो जाता है, आंखों को किसी भी तरह की चोट से बचाएं। कॉन्टैक्ट लेंस के विकल्पों के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
घरेलू क्लीनर का उपयोग करते समय सावधान रहें। कई घरेलू उत्पादों में रसायन होते हैं इसके संपर्क में आने के कारण भी आंखों को क्षति पहुंच सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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