खाना बनाने के लिए सरसों के तेल को सबसे ज्यादा प्रयोग में लाया जाता रहा है, भोजन के स्वाद को बढ़ाने के साथ इस तेल को सेहत के लिए भी कई प्रकार से लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद के साथ-साथ मेडिकल साइंस ने भी इसके गुणों के बारे में बताया है। सरसों में रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो कई प्रकार के बैक्टीरिया को विकसित होने से रोकने के साथ बालों-त्वचा को विशेष लाभ प्रदान करता है। इससे मालिश को दर्दनिवारक और आरामदायक माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि सरसों का तेल अस्थमा-हृदय रोग जैसी क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान लोगों के लिए भी लाभकारी हो सकता है?
सेहत की बात: सरसों का तेल अस्थमा-हृदय रोगियों के लिए है लाभकारी, जानिए इसके अन्य फायदे
अस्थमा रोगियों के लिए लाभकारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, सरसों के तेल का उपयोग लंबे समय से अस्थमा और साइनोसाइटिस के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में किया जाता रहा है। अस्थमा अटैक दौरान सरसों के तेल से छाती की मालिश करने से फेफड़ों में हवा का प्रवाह बेहतर होता है और सांस लेने में आसानी होती है। रोजाना एक चम्मच सरसों के तेल में शहद मिलाकर सेवन को भी लाभकारी बताया गया है, हालांकि किसी भी घरेलू उपचार से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक माना जाता है।
बालों और त्वचा के लिए फायदेमंद
शुद्ध सरसों के तेल को बालों और त्वचा के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। बालों के उचित पोषण के साथ त्वचा की सामान्य समस्याओं में सरसो का तेल लगाने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। आमतौर पर नवजात शिशुओं की सरसों के तेल से मालिश करने की सलाह दी जाती है, यह त्वचा की समस्याओं को दूर करने और शरीर की ताकत को बढ़ाने में मदद करता है।
दर्द निवारक के रूप में सरसों का तेल
सरसों के तेल में एलिल आइसोथियोसाइनेट होता है, यह एक रासायनिक यौगिक है जिससे शरीर में दर्द को कम करने में लाभ हो सकते हैं। पशुओं पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि चूहों के पानी में सरसों के तेल की कुछ बूंदे डालकर देने से दर्द रिसेप्टर्स कम हुए शरीर में कई प्रकार के दर्द से आराम पाया गया, हालांकि इंसानों पर इस तरह के अध्ययन नहीं किए गए हैं।
सरसों का तेल अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (एएलए) का भी समृद्ध स्रोत है, यह प्रकार का ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है जो सूजन को कम करने और दर्द से छुटकारा पाने में मदद करता है।
हृदय रोगियों के लिए भी लाभकारी
हृदय रोगियों के लिए भी आहार में सरसों के तेल का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। सरसों का तेल मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड का स्रोत होता है, जिसे हृदय की समस्याओं से बचाव के लिए आवश्यक माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि यह ट्राइग्लिसराइड, रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में भी मदद करता है। एक अन्य शोध से पता चलता है कि मोनोअनसैचुरेटेड फैट का सेवन करने वालों में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम देखा गया, इससे हृदय विकारों को कम किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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