महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पिछले दिनों, बच्चों में खसरा के मामलों में वृद्धि और मौत ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक खसरा के कारण तीन बच्चों की मौत रिपोर्ट की गई है, हालांकि इसकी जांच की जा रही है। खसरा के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्लम क्षेत्रों में खसरा के प्रकोप का आकलन करने के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की टीम भेजी है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शहर में टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। बीएमसी के अधिकारियों ने माता-पिता से अपने 9 और 16 महीने के बच्चों को खसरा और रूबेला का टीका लगवाने की भी अपील की है।
Measles in India: खसरा संक्रमण-मौत के मामलों में अचानक वृद्धि ने बढ़ाई चिंता, जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय
ज्यादातर संक्रमित बच्चों का नहीं हुआ है टीकाकरण
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया, घर-घर जाकर खसरा व रूबेला के संदिग्ध मरीजों का सर्वे किया जा रहा है, संदिग्धों के रक्त और मूत्र के नमूने जांच के लिए लिए जा रहे हैं। सर्वेक्षण में खसरे के कुल मामलों में से, लगभग 10 प्रतिशत बच्चों का आंशिक रूप से टीकाकरण हुआ है, जबकि 25 फीसदी का टीकाकरण न हो पाने के बारे में पता चला है। टीकाकरण की कमी के कारण ही मामलों में इस तरह से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
फिलहाल इस खतरे के प्रसार को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया गया है। सभी माता-पिता को खसरा के लक्षणों के बारे में जानना और समय पर इलाज के साथ इसकी रोकथाम को लेकर भी जागरूक किया जा रहा है।
खसरा और इसके लक्षण
खसरा, वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है। छोटे बच्चों के लिए यह संक्रमण गंभीर और घातक भी हो सकता है। दुनियाभर में खसरा के टीकाकरण में आई तेजी के कारण पिछले कुछ वर्षों में इसकी मृत्यु दर में कमी आई है, हालांकि अब भी इस गंभीर संक्रमण के कारण हर साल दो लाख से अधिक बच्चों की मौत हो जाती है। खसरा के लक्षण, वायरस के संपर्क में आने के लगभग 10 से 14 दिनों के बाद दिखाई देते हैं। इन संकेतों पर सभी लोगों को विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।
- बुखार-खांसी
- बहती नाक- गला खराब होना
- कंजंक्टिवाइटिस
- गाल की अंदरूनी परत में छोटे सफेद धब्बे दिखना, जिन्हें कोप्लिक स्पॉट भी कहा जाता है।
- त्वचा पर चकत्ते या दाने दिखाई देना।
खसरा का जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों में कुछ स्थितियां खसरे के जोखिमों को बढ़ा देती हैं। यदि आपको खसरा का टीका नहीं लगा है तो इस संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा यदि आप उन देशों की यात्रा करते हैं जहां खसरा के मामले अधिक हैं, यह स्थिति भी जोखिमों को बढ़ाने वाली मानी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि जिन बच्चों में विटामिन-ए की कमी होती है उनमें खसरा होने और इसके लक्षणों और गंभीर जटिलताओं के विकसित होने का जोखिम भी अधिक हो सकता है।
खसरा का इलाज और बचाव
खसरा संक्रमण का कोई विशिष्ट उपचार नहीं होता है। इलाज के दौरान लक्षणों को कम करने के प्रयास किए जाते हैं। गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में संक्रमण की स्थिति में गंभीर जटिलताओं के विकसित होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
यदि आपको या बच्चे को खसरा की समस्या है तो आराम करें और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। खांसी और गले की खराश से राहत पाने के लिए ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें। सहायक उपचार के लिए डॉक्टर की समय पर सहायता जरूर लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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