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H3N2 का कहर: दो संक्रमितों की मौत, पोस्ट संक्रमण हो सकती हैं सांस की दिक्कतें, कोमोरबिडिटी वाले रहें सावधान

Sat, 11 Mar 2023 01:47 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 11 Mar 2023 01:47 PM IST
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India has reportedly recorded two deaths due to the H3N2 influenza virus, all you need to know
एच3एन2 वायरस का संक्रमण बढ़ा - फोटो : iStock

आमतौर पर हल्के स्तर की बीमारियों का कारण बनने वाला इन्फ्लूएंजा का संक्रमण अब घातक रूप लेता दिख रहा है। इन्फ्लूएंजा-ए वायरस के एच3एन2 वैरिएंट के कारण लोगों में कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं देखी जा रही हैं। नए वैरिएंट से संक्रमण के कारण देश में दो लोगों की मौत भी हो गई है। पहली मौत कर्नाटक में एक 82 वर्षीय व्यक्ति की जबकि दूसरी हरियाणा में रिपोर्ट की गई है।



देश में H3N2 वायरस के 90 से अधिक मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही एच3एन2, इन्फ्लूएंजा परिवार का सदस्य है, पर इससे संक्रमितों में गंभीर रोग के मामले अधिक देखे जा रहे हैं, इस खतरे को देखते हुए सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। 

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से इन्फ्लूएंजा के इस नए वैरिएंट से संक्रमितों के मामले में उछाल देखा जा रहा है। यह वायरस अन्य इन्फ्लुएंजा उपप्रकारों की तुलना में अधिक गंभीर रोग पैदा करता है जिससे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत बढ़ रही है। अब संक्रमितों में मौत के मामलों ने चिंता और भी बढ़ा दी है।

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एच3एन2 वायरस के कारण गंभीर रोग का खतरा - फोटो : Istock

कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए जोखिम अधिक

डॉक्टर्स की टीम का कहना है कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है उनमें एच3एन2 वायरस के कारण गंभीर रोग और इससे मरने का खतरा हो सकता है। कर्नाटक में जिस व्यक्ति की मौत हुई है वह 82 साल के थे और उन्हें डायबिटीज की समस्या भी थी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सभी लोगों को, जो उम्रदराज हैं या फिर कोमारबिडिटी के शिकार हैं, उन्हें विशेष बचाव के उपाय करते रहना चाहिए। 

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संक्रमितों में गंभीर रोग का बढ़ा खतरा - फोटो : istock

H3N2 संक्रमण के बाद भी रह सकती हैं जटिलताएं

अमर उजाला से बातचीत में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि H3N2 के कारण कई लोग पोस्ट-वायरल ब्रोंकाइटिस के साथ भी अस्पताल आ रहे हैं, जिसका मतलब है कि संक्रमितों को बाद में भी दिक्कत बनी रह सकती है। यह तब होता है जब संक्रमण के बाद फेफड़ों के वायुमार्ग में समस्या हो जाती है।

इसके कारण सांस की भी कई तरह की समस्या हो सकती है। कुछ लोगों को ऐंठन, सांस की तकलीफ, सीने में भारीपन के साथ सूखी खांसी हो सकती है। 

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इंफ्लूएंजा के लक्षणों को जानिए - फोटो : istock

H3N2 संक्रमण के लक्षणों को जानिए

H3N2 का संक्रमण किसी को भी हो सकता है, जिसके कारण रोगियों को इंफ्लूएंजा के जैसे ही खांसी-नाक बहने, शरीर में दर्द, मतली-उल्टी या दस्त के साथ तेज बुखार हो सकता है। कुछ रोगियों में 103 डिग्री से भी तेज बुखार की दिक्कत देखी जा रही है।

ये लक्षण आमतौर पर लगभग तीन-चार दिनों तक रह सकते हैं, हालांकि, कुछ लोगों में यह और भी लंबे समय तक बना रह सकता है। 

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सर्दी-जुकाम के लक्षणों पर ध्यान दें - फोटो : istock

क्या है डॉक्टर्स की सलाह?

डॉक्टर कहते हैं जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या फिर जो लोग पहले से ही कई प्रकार की बीमारियों के शिकार रह चुके हैं, उन्हें संक्रमण से बचाव करते रहना बहुत आवश्यक है। इस मौसम में बुखार की समस्या होना काफी सामान्य है पर अगर दवाइयों से इसमें आराम नहीं मिल रहा है या फिर आपके लक्षण गंभीर हो रहे हैं तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से संपर्कर करके इलाज कराएं। समय पर इलाज आपको रोग की जटिलताओं से बचाने वाला हो सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 

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