फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सावधान: कोविड-19 से ठीक होने वालों में टैकीकार्डिया की समस्या, कहीं आपमें भी तो नहीं हैं ऐसे लक्षण?

Fri, 04 Mar 2022 02:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 04 Mar 2022 02:00 PM IST
विज्ञापन
increase in heart beat after recovering from COVID, tachycardia symptoms and treatment
कोविड के बाद होने वाली समस्याएं - फोटो : iStock

Medically Reviwed By-


डॉ विनीत भार्गव
(वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट)
पुणे


पिछले दो साल से अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोरोना के संक्रमण के चलते लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। दूसरी लहर के दौरान डेल्टा वैरिएंट के कारण संक्रमितों में हृदय और फेफड़ों से संबंधित गंभीर जटिलताएं देखने को मिलीं, वहीं तीसरी लहर के दौरान ओमिक्रॉन के लक्षण भले ही हल्के रहे हों, लेकिन विशेषज्ञ इसे भी काफी खतरनाक मानते हैं। मसलन कोरोना वायरस ने लक्षणों के साथ दीर्घकालिक रूप से शरीर के कई अंगों पर गंभीर असर डाला है। कई लोगों में ठीक होने के लंबे समय के बाद तक भी दिक्कतें देखने को मिल रही हैं। आंकड़े बताते हैं कि कोविड-19 से ठीक होने वाले लोगों में हृदय रोगों के मामले अधिक देखे जा रहे हैं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो कोविड-19 रोग को हृदय के लिए बड़े संकट के तौर पर देखा जा रहा है। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन (WHF) ने महामारी की शुरुआत में ही इसकी आशंका जताई थी कि कोविड-19 के कारण इंफ्लामेटरी दिक्कतें बढ़ सकती हैं, जिसके कारण लोगों को हृदय में सूजन और इससे संबंधित कई तरह की अन्य समस्याएं हो सकती हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोविड से ठीक होने के बाद हृदय की जांच करा लेने की सलाह देते हैं। 

increase in heart beat after recovering from COVID, tachycardia symptoms and treatment
कोरोना के बाद बढ़ी हृदय गति की समस्या - फोटो : iStock

क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विनीत भार्गव बताते हैं, संक्रमण से ठीक हो चुके लोग हार्ट बीट में बढ़ोतरी की शिकायत लेकर आ रहे हैं। हृदय की सामान्य गति 60 से 100 के बीच की होती है। वैसे तो कुछ कारणों के चलते इसमें कभी-कभार बढ़ोतरी आ सकती है, हालांकि संक्रमण से ठीक होने के बाद ज्यादातर लोगों में इस तरह की दिक्कत अक्सर बने रहने की समस्या देखी जा रही है। इसे मेडिकल की भाषा में टैकीकार्डिया के रूप में जाना जाता है। 

increase in heart beat after recovering from COVID, tachycardia symptoms and treatment
कोविड से ठीक हो चुके लोगों में हृदय गति बढ़ने की समस्या - फोटो : istock

टैकीकार्डिया क्या है?
टैकीकार्डिया, हृदय गति में वृद्धि की स्थिति को कहा जाता है। हृदय के ऊपरी या निचले किसी भी कक्ष में यह समस्या शुरू हो सकती है। जिन लोगों को कोरोना के हल्के-मध्यम स्तर का संक्रमण रह चुका है ऐसे लोगों में भी हृदय गति के बढ़ने की समस्या देखी जा रही है। सामान्य कार्यों के दौरान दिल की धड़कन 95-100 तक बढ़ जाती है। कई रोगियों में यह स्थिति कुछ समय के बाद ठीक हो जाती है, हालांकि कुछ में यह लंबे समय तक भी बनी रह सकती है।  दिल की धड़कन का तेज बने रहना कई तरह की गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
increase in heart beat after recovering from COVID, tachycardia symptoms and treatment
कोरोना के बाद बढ़ी हृदय रोगों की समस्या - फोटो : iStock

बढ़ जाता है मौत का भी खतरा
डॉ विनीत कहते हैं, टैकीकार्डिया एक गंभीर समस्या है जिसके शीघ्र उपचार की आवश्यकता होती है। हृदय गति 150-200 बीट प्रति मिनट तक जा सकती है और अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह मृत्यु का भी कारण बन सकती है। दिल जितनी तेजी से धड़कना शुरू करता है, उतना ही कम रक्त पंप कर पाता है। शरीर के तमाम अंगों में रक्त की आपूर्ति कम या बाधित होने के कारण गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का जोखिम बढ़ जाता है। कुछ लोगों में यह मृत्यु का भी कारण बन सकती है।

विज्ञापन
increase in heart beat after recovering from COVID, tachycardia symptoms and treatment
संक्रमण के बाद हृदय की सेहत का रखें ख्याल - फोटो : Pixabay

लक्षण महसूस होने पर क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा ग्रस्त और अधिक धूम्रपान करने वालों में हृदय से संबंधित गंभीर समस्याओं के विकसित होने का जोखिम अधिक होता है। यदि हाल ही में आपको भी कोरोना का संक्रमण रह चुका है और आपको हृदय गति में वृद्धि महसूस होती रहती है तो इसे बिल्कुल अनदेखा न करें। तुरंत किसी विशेषज्ञ से संपर्क करना आवश्यक है। समय पर इलाज कर के गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। कोविड-19 के बाद सेहत का ख्याल रखना बहुत आवश्यक माना जाता है।

------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed