Vegetarian Sources of Omega 3: ओमेगा-3 फैटी एसिड को अक्सर केवल मछली और मांसाहारी आहार से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह एक ऐसा आवश्यक पोषक तत्व है जो आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए 'रामबाण' से कम नहीं है। शरीर इसे खुद नहीं बना सकता, इसलिए इसे आहार से लेना अनिवार्य है। यह फैट हृदय को स्वस्थ रखने, मस्तिष्क के कार्य को बेहतर बनाने और शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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Health Tips: ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए डाइट में शामिल करें ये चार सस्ती चीजें, शाकाहारी लोग भी कर सकते हैं सेवन
Thu, 23 Oct 2025 06:17 PM IST
शिखर बरनवाल
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Thu, 23 Oct 2025 06:17 PM IST
सार
ओमेगा-3 फैटी एसिड हमारे स्वास्थ्य के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसके लिए हमारे समाज में एक भ्रांति है कि ये सिर्फ मांसाहारी चीजों से मिलता है। इसलिए आइए इस लेख में कुछ ऐसी चीजों के बारे में जानते हैं जिनका सेवन शाकाहारी लोग भी कर सकते हैं।
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ओमेगा-3
- फोटो : freepik.com
flax seed
- फोटो : Adobe stock
अलसी के बीज
पोषक तत्वों का पावरहाउसओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे सस्ता और प्रभावी शाकाहारी स्रोत अलसी के बीज हैं। ये छोटे भूरे बीज अल्फा-लिनोलेनिक एसिड ALA ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं। प्रति 100 ग्राम अलसी में लगभग 22 ग्राम ओमेगा-3 होता है। शरीर में जाकर EPA और DHA में परिवर्तित होता है। अलसी के बीजों को पीसकर दही, स्मूदी या आटे में मिलाकर सेवन करने से इसका अधिकतम लाभ मिलता है। यह पाचन में भी सुधार करता है।
ये भी पढ़ें- Health Tips: सेहत के लिए कितना खतरनाक है 300 से ज्यादा का AQI? दुष्प्रभाव जानकर सन्न रह जाएंगे आप
पोषक तत्वों का पावरहाउसओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे सस्ता और प्रभावी शाकाहारी स्रोत अलसी के बीज हैं। ये छोटे भूरे बीज अल्फा-लिनोलेनिक एसिड ALA ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं। प्रति 100 ग्राम अलसी में लगभग 22 ग्राम ओमेगा-3 होता है। शरीर में जाकर EPA और DHA में परिवर्तित होता है। अलसी के बीजों को पीसकर दही, स्मूदी या आटे में मिलाकर सेवन करने से इसका अधिकतम लाभ मिलता है। यह पाचन में भी सुधार करता है।
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चिया सिड्स
- फोटो : Adobe Stock
चिया सीड्स
चिया बीज पोषण के मामले में किसी सुपरफूड से कम नहीं हैं। ये भी अलसी की तरह ओमेगा-3 का शानदार स्रोत हैं। चिया बीज में 17 ग्राम ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। इसके अलावा, ये फाइबर और प्रोटीन से भी भरपूर होते हैं, जो वजन प्रबंधन और पाचन के लिए फायदेमंद होते हैं। आप इन्हें पानी में भिगोकर, पुडिंग बनाकर या सलाद के ऊपर छिड़ककर आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें- Health Tips: पीसीओएस के इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, ये संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें
चिया बीज पोषण के मामले में किसी सुपरफूड से कम नहीं हैं। ये भी अलसी की तरह ओमेगा-3 का शानदार स्रोत हैं। चिया बीज में 17 ग्राम ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। इसके अलावा, ये फाइबर और प्रोटीन से भी भरपूर होते हैं, जो वजन प्रबंधन और पाचन के लिए फायदेमंद होते हैं। आप इन्हें पानी में भिगोकर, पुडिंग बनाकर या सलाद के ऊपर छिड़ककर आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
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अखरोट
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अखरोट
आमतौर पर महंगे माने जाने वाले मेवों की तुलना में अखरोट ओमेगा-3 का एक किफायती विकल्प है, खासकर जब इसे सीमित मात्रा में रोजाना लिया जाए। अखरोट में अन्य नट्स की तुलना में सबसे अधिक ओमेगा-3 पाया जाता है। रोजाना सिर्फ 2-3 अखरोट का सेवन आपके मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, क्योंकि DHA मस्तिष्क के ऊतकों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक है।
आमतौर पर महंगे माने जाने वाले मेवों की तुलना में अखरोट ओमेगा-3 का एक किफायती विकल्प है, खासकर जब इसे सीमित मात्रा में रोजाना लिया जाए। अखरोट में अन्य नट्स की तुलना में सबसे अधिक ओमेगा-3 पाया जाता है। रोजाना सिर्फ 2-3 अखरोट का सेवन आपके मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, क्योंकि DHA मस्तिष्क के ऊतकों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक है।
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तेल
- फोटो : Freepik.com
राई और सरसों के तेल
भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला राई या सरसों का तेल भी ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक अच्छा स्रोत है। अन्य रिफाइंड तेलों की तुलना में, सरसों के तेल में स्वस्थ फैट का बेहतर अनुपात होता है।
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि इसे ज्यादा गर्म करने पर इसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं, इसलिए इसे हल्की आंच पर खाना पकाने या सलाद की ड्रेसिंग के लिए इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है। इन चार सस्ती चीजों को अपने दैनिक आहार में शामिल करके शाकाहारी लोग आसानी से ओमेगा-3 की कमी को पूरा कर सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला राई या सरसों का तेल भी ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक अच्छा स्रोत है। अन्य रिफाइंड तेलों की तुलना में, सरसों के तेल में स्वस्थ फैट का बेहतर अनुपात होता है।
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि इसे ज्यादा गर्म करने पर इसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं, इसलिए इसे हल्की आंच पर खाना पकाने या सलाद की ड्रेसिंग के लिए इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है। इन चार सस्ती चीजों को अपने दैनिक आहार में शामिल करके शाकाहारी लोग आसानी से ओमेगा-3 की कमी को पूरा कर सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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