फ्रांस में चल रहे पेरिस ओलंपिक 2024 पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं। भारतीय खिलाड़ी भी अपना बेहतर प्रदर्शन दे रहे हैं। हालांकि खेलों से इतर ये ओलंपिक कुछ कारणों से विवादों में भी घिर गया है। असल में गुरुवार (1 अगस्त) को इटली की एंजेला कैरिनी और अल्जीरिया की इमान खेलीफ के बीच बॉक्सिंग का मुकाबला हुआ, जिसमें मात्र 46 सेकंड में ही इमान खलीफ ने अपनी प्रतिद्वंद्वी एंजेला को हरा दिया।
Paris Olympics: मुक्केबाज इमान खेलीफ के इस 'मेडिकल कंडीशन' को लेकर विवाद, जानिए क्या है डीएसडी की समस्या
क्या है डिसऑर्ड्स ऑफ सेक्शुअल डेवलेपमेंट?
डिसऑर्ड्स ऑफ सेक्शुअल डेवलेपमेंट यानी कि यौन विकास के विकार (डीएसडी) वह स्थिति है जिसमें किसी व्यक्ति में दोनों लिंगों (पुरुष और महिला) की विशेषताएं होती हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि क्रोमोसोम, गोनाडल (अंडाशय या वृषण) या जननांगों में अंतर के कारण डीएसडी की स्थिति हो सकती है। जिन बच्चों में ये विकार होता है उनमें जन्मजात कुछ स्थितियां हो सकती हैं।
- गुणसूत्र पुरुषों (XY) का होना लेकिन जननांग महिलाओं का।
- इसी तरह कुछ में महिला (XX) गुणसूत्र होने के बावजूद पुरुषों के जननांग हो सकते हैं।
- कुछ बच्चों में ओवरी और और वृषण दोनों हो सकते हैं।
डीएसडी होने मतलब कुछ 'गलत' नहीं
मेडिकल की भाषा में डीएसडी को "इंटरसेक्स" स्थिति के रूप में भी जाना जाता है। इंटरसेक्स का मतलब ऐसे लोगों से है जिनके गुणसूत्र, जननांग या प्रजनन अंग पुरुष/महिला लिंग बाइनरी में फिट नहीं होते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि डीएसडी होने मतलब यह नहीं है कि आपके साथ कुछ "गलत" है। इसका मतलब बस इतना है कि आप, दूसरे लोगों या अपने साथियों से अलग तरीके से विकसित हुए हैं। यौन विकास में विकार वाले अधिकांश लोग उचित निदान और उपचार के साथ सामान्य जीवन जीते हैं।
डिसऑर्ड्स ऑफ सेक्शुअल डेवलेपमेंट के क्या कारण हैं?
अध्ययनों में पाया गया है कि डिसऑर्ड्स ऑफ सेक्शुअल डेवलेपमेंट के कई कारण हो सकते हैं। आनुवंशिक उत्परिवर्तन (जेनिटिक म्यूटेशन) इसकी मुख्य वजह हो सकती है। इसके अलावा भ्रूण के विकास के दौरान विकास संबंधी समस्याओं जैसे अंगों का सही तरीके से न बनना भी इसका कारण हो सकता है। कुछ प्रकार की हार्मोनल समस्याएं जैसे बच्चे में या तो पर्याप्त हार्मोन न बनाना या उम्मीद के मुताबिक उन पर प्रतिक्रिया होने के कारण भी ये दिक्कतें हो सकती हैं।
कुछ अध्ययन ये भी कहते हैं कि गर्भावस्था के दौरान कुछ हार्मोन्स में विकार या दवाओं के कारण भी बच्चों में डीएसडी की स्थिति हो सकती है।
क्या इसके लिए इलाज जरूरी है?
जिन लोगों में डिसऑर्ड्स ऑफ सेक्शुअल डेवलेपमेंट का निदान किया जाता है उन्हें लक्षणों और जटिलताओं के आधार पर कुछ उपचार की आवश्यकता हो सकती है। डीएसडी के कारण होने वाली समस्याओं जैसे ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने या प्यूबर्टी के लिए हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की जरूरत हो सकती है। इसके अलावा जननांगों में किसी विकार को ठीक करने के लिए सर्जरी कराने की जरूरत होती है।
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