मुंह से दुर्गंध आना बहुत आम बात है लेकिन कई बार यह समस्या शर्मिंदगी का कारण बनती है। यदि बात करते वक्त आपके मुंह से बदबू आने लगती है तो लोग अपने आप ही दूर भागने लगते हैं। ऐसे में दोष आपका नहीं है क्योंकि कई बार जो लोग दिन में दो बार दातून करते हैं, उनके मुंह से भी बदबू आने लगती है। इस समस्या का उपचार करना कोई इतनी कठिन बात नहीं है। घर में ही मौजूद कुछ चीजों के नियमित सेवन से जल्द ही मुंह से आने वाली दुर्गंध से राहत मिलती है। अगली स्लाइड्स से जानिए घर में मौजूद रहने वाली किन 5 चीजों के सेवन से हो जाता है इस समस्या का समाधान।
यदि आपके मुंह से भी आती है दुर्गंध तो करें घर में ही उपलब्ध होने वाली इन 5 चीजों का सेवन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दही
मुंह से आने वाली दुर्गंध का मुख्य कारण है हाइड्रोजन सल्फाइ़ड। सादा दही खाने से मुंह में अच्छे जीवाणु जन्म लेते हैं, जिससे की बुरे जीवाणुओं की संख्या कम हो जाती है। बुरे जीवाणुओं के होने से ही मुंह में हाइड्रोजन सल्फाइड का उत्पादन होता है। एक सप्ताह तक रोज दही खाने से मुंह में बुरे जीवाणुओं की संख्या कम हो जाती है और धीरे-धीरे मुंह से बदबू आना बंद हो जाती है।
दालचीनी
मुंह के स्वास्थ्य के लिए दालचीनी बेहद लाभकारी है। दालचीनी में रोगाणुरोधी तत्व पाए जाते हैं जो कि मुंह से आने वाली दुर्गंध के मुख्य कारण अर्थात बदबू पैदा करने वाला जीवाणु को समाप्त करने में सहायता करते हैं। साथ ही इसके सेवन से दांत भी स्वस्थ रहते हैं। खाने में एवं तेल के रूप में दालचीनी खाने से कोई नुकसान नहीं होता है।
अदरक
खाने के बाद अदरक के छोटे से टुकड़े को खाने से या फिर प्रतिदिन अदरक वाली चाय पीने से आप लोगों के बीच शर्मिंदा होने से बच जाएंगे क्योंकि ऐसा करके आप अपने मुंह से आने वाली दुर्गंध से जल्द ही छुटकारा पा लेंगे। अदरक के सेवन से पाचन तंत्र भी ठीक रहता है, इस वजह से भी मुंह से अजीबोगरीब बदबू नहीं आती है।
सेब
सेब खाने से कई सारी बीमारियां हमारे आस-पास भी नहीं फटकती है। दांतों एवं मुंह के अच्छे स्वास्थय के लिए डेंटिस्ट भी सेब खाने की सलाह देते हैं। सेब में विटामीन- सी एवं पोलीफिनोल्स होते हैं, जो कि बदबू पैदा करने वाले जीवाणुओं का खात्मा करते हैं। पर ध्यान रखें कि सेब को चाकू से काटकर खाने की बजाय खुद के दांत से ही काटकर खाएं।