वजाइनल डिस्चार्ज एक ऐसा तरल पदार्थ है जो वजाइना की ग्रंथियों से बाहर निकलता है। योनि की अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है कि सही मात्रा में और सही रूप में ये डिस्चार्ज हो। वजाइनल डिस्चार्ज योनि में मौजूद कीटाणुओं को बाहर निकाल फेंकता है और योनि को संक्रमण से बचाता है। कई बार वजाइनल डिस्चार्ज असामान्य हो जाता है, जब ऐसा होता है तो यह कई प्रकार के संक्रमणों का संकेत देता है। अगली स्लाइड्स में मालवा हॉस्पिटल, इंदौर की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अनिता पाठक से जानिए किस तरह का वजाइनल डिस्चार्ज किस बीमारी का देता है संकेत।
अगर वजाइनल डिस्चार्ज में हो रहे हैं इस तरह के बदलाव तो हो सकती हैं बड़ी बीमारियां
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ऐसा होता है सामान्य डिस्चार्ज
विभिन्न और असामान्य डिस्चार्ज पर बात करने से पहले बहुत जरूरी है कि सामान्य डिस्चार्ज को समझा जाए। सामान्य डिस्चार्ज एक तय मात्रा में होता है। इसका रंग सफेद होता है और यह न तो बहुत अधिक गाढा़ होता है और न ही यह बहुत अधिक पतला होता है। मासिक धर्म के निकट आते ही इसका रंग हल्का मटमैला होने लगता है।
पीले रंग का डिस्चार्ज
पीले रंग के डिस्चार्ज को असामान्य माना जाता है। हालांकि यह समस्या किशोर लड़कियों को अधिक नहीं होती है लेकिन महिलाओं को अधिकतर ऐसा डिस्चार्ज होता है। इस तरह का डिस्चार्ज योनि के भीतर के संक्रमण का संकेत देता है या कई बार सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंंफेक्शन होने पर इस तरह का डिस्चार्ज होता है।
एकदम गाढ़ा सफेद डिस्चार्ज
अगर डिस्चार्ज सामान्य की तुलना में बहुत गाढ़ा है और रंग भी एकदम सफेद है तो यह यीस्ट इंफेक्शन के संकेत है। मासिक धर्म के आगे- पीछे वाले दिनों की बजाय सामान्य दिनों में ऐसा डिस्चार्ज होता है उसमें लालपन दिखाई देता है तब भी यीस्ट इंफेक्शन ही हुआ है। ऐसा डिस्चार्ज होने पर कई बार योनि में जलन और खुजली भी होने लगती है।
भूरा डिस्चार्ज
यह बहुत असामान्य डिस्चार्ज है, हर किसी को सामान्य दिनों में नहीं होता है लेकिन यह उन लोगों को जरूर होता है जिनका मासिक चक्र अनियमित होता है, हार्मोंस असंतुलित होते हैं या फिर मेनोपॉज जब निकट हो तब भी ऐसा डिस्चार्ज होता है। अगर बहुत अधिक इस तरह का डिस्चार्ज हो रहा है तो यह सर्वाइकल कैंसर के भी संकेत देता है।