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ICMR ने चेताया: भ्रामक हो सकते हैं डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों पर लगे लेबल के दावे, ध्यान से पढ़ें जानकारी

Sun, 12 May 2024 05:53 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 12 May 2024 05:53 PM IST
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ICMR alert Label claims on packaged food could be misleading read the information carefully
processed food, Junk food - फोटो : istock

पहले बच्चों को दिए जाने वाले खाद्य पदार्थ (बेबी फूड्स) और फिर कई मसालों की गुणवत्ता में पाई गई कमी ने डिब्बाबंद चीजों के सेवन को लेकर लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। इसी से संबंधित एक हालिया बयान में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि पैकेज्ड वस्तुओं पर लगे खाद्य लेबल भ्रामक हो सकते हैं। शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान निकाय ने जोर देते हुए कहा है कि उपभोक्ताओं को जानकारी को ध्यान से पढ़ना चाहिए। आहार के लिए स्वस्थ विकल्पों का चुनाव करने के लिए थोड़ी सावधानी बरतनी जरूरी है।



आईसीएमआर ने कहा कई खाद्य पदार्थ जो शुगर-फ्री होने का दावा करते हैं असल में उनमें वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। इसी तरह से अधिकतर डिब्बाबंद फलों के रस में केवल 10 प्रतिशत तक ही फलों का गूदा हो सकता है। हाल ही में जारी अपने आहार दिशानिर्देशों में, आईसीएमआर ने कहा कि पैक्ड फूड पर स्वास्थ्य संबंधी दावे उपभोक्ताओं का ध्यान खींचने और उन्हें यह समझाने के लिए डिजाइन किए जाते हैं कि उत्पाद स्वस्थ है, लेकिन असल में ये कितने स्वस्थ है इसपर अपने विवेक से ध्यान देना जरूरी है। 

ICMR alert Label claims on packaged food could be misleading read the information carefully
डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ - फोटो : istock

डिब्बाबंद उत्पादों को प्राकृतिक बताकर हो रही है बिक्री

हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) ने भारतीयों के लिए जारी किए गए आहार दिशानिर्देश में कहा वैसे तो भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सख्त मानदंड हैं लेकिन लेबल में प्रस्तुत जानकारी भ्रामक हो सकती है। उदाहरण देते हुए एनआईएन ने कहा कि किसी खाद्य उत्पाद को 'प्राकृतिक' तभी कहा जा सकता है जब इसमें ऊपर से रंग और स्वाद या कृत्रिम पदार्थ नहीं मिलाए गए हों।

ICMR alert Label claims on packaged food could be misleading read the information carefully
पैकड् जूस का सेवन - फोटो : istock

दावों की दोबारा जांच करें

एनआईएन ने सख्ती बरतते हुए कहा कि देखा जा रहा है कि डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों के लिए 'प्राकृतिक' शब्द का प्रयोग अक्सर शिथिल रूप से किया जा रहा है। इसका उपयोग अक्सर निर्माताओं द्वारा किया जाता है भले ही डिब्बाबंद उत्पाद में केवल एक या दो प्राकृतिक अवयवों हों। ये भ्रामक हो सकता है इसलिए लोगों को सामग्री और अन्य जानकारी को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। बेहतर सेहत के लिए डिब्बाबंद उत्पादों के लेबल पर किए गए दावों की दोबारा जांच करें।

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ICMR alert Label claims on packaged food could be misleading read the information carefully
प्रोटीन पाउडर - फोटो : freepik.com

प्रोटीन पाउडर को लेकर भी चेतावनी

इससे पहले आईसीएमआर आहार संबंधी दिशानिर्देशों में प्रोटीन सप्लीमेंट्स के कारण होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर भी चेताया था। विशेषज्ञों ने कहा शरीर बनाने की चाहत में युवा प्रोटीन पाउडर के नाम पर जाने-अनजाने शरीर के लिए हानिकारक चीजों का सेवन कर रहे हैं। इसके कारण फिटनेस तो ठीक होता नहीं बल्कि डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापे जैसी बीमारियों का जोखिम जरूर बढ़ जाता है। 

बाजार में बिक रहे प्रोटीन पाउडर में अतिरिक्त शर्करा और कृत्रिम स्वाद के लिए रासायनिक फ्लेवर मिलाया जाता है। नतीजतन हर स्कूप के साथ हमारे शरीर में अधिक मात्रा में  शर्करा जा रही होती है। शुगर और कैलोरी की अधिकता को वजन बढ़ाने और कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का कारण माना जाता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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