रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक बने रहना डायबिटीज रोग का कारण बनता है। साल 2021 के आंकड़ों के अनुसार 20 से 79 वर्ष की आयु वाले 537 मिलियन (53.7 करोड़ से अधिक लोग) इस रोग के शिकार हैं। साल 2045 तक ये आंकड़ा बढ़कर 783 मिलियन (78.3 करोड़) से अधिक होने की आशंका जताई गई है। भारत में भी डायबिटीज के मामले पिछले दो दशकों में काफी तेजी से बढ़े हैं।
Diabetes: दिनचर्या में ये बदलाव करके आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं शुगर का स्तर, तुरंत छोड़ दें ये आदतें
कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों का कम करें सेवन
भोजन में तीन मुख्य प्रकार के कार्बोहाइड्रेट होते हैं: स्टार्च, चीनी और फाइबर। मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए स्टार्च और शर्करा बड़ी समस्या पैदा करते हैं क्योंकि शरीर इन्हें ग्लूकोज में तोड़ देता है। इनसे भरपूर चीजों के सेवन के कारण तेजी से शुगर का स्तर बढ़ने का खतरा हो सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उन्हें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम करके फाइबर वाली चीजों का अधिक सेवन करना चाहिए। आहार में इस प्रकार का बदलाव करके ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना आसान हो सकता है।
बदल लें रात के खाने का समय
कई लोगों को रात में देर से खाने की आदत होती है। क्या आप जानते हैं कि इसके कारण आप गंभीर समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। जब आप रात में देर से खाते हैं तो इससे मेटाबॉलिज्म से संबंधित समस्याओं का खतरा हो सकता है। ज्यादातर अध्ययनों में विशेषज्ञ कहते हैं रात का खाना शाम को छह से सात बजे के बीच जरूर खा लेना चाहिए। खाने के बाद कम से कम 10-15 मिनट की वॉक जरूर करें इससे कार्बोहाइड्रेट को बेहतर तरीके से पचाने में मदद मिलती है।
शारीरिक निष्क्रियता आपकी दुश्मन
डायबिटीज के खतरे से बचाना चाहते हैं या फिर डायबिटीज को कंट्रोल करना चाहते हैं तो जीवनशैली में बदलाव, विशेषतौर पर शारीरिक निष्क्रियता को कम करना सबसे जरूरी है। लगातार कई घंटों बैठकर काम करते रहना, व्यायाम की कमी के कारण शुगर बढ़ने का खतरा रहता है। अगर आप चाहते हैं कि शुगर लेवल कंट्रोल रहे, तो दिन में कम से कम 40 मिनट व्यायाम जरूर करें। शारीरिक निष्क्रियता वाले लोगों में डायबिटीज की जटिलताओं का खतरा अधिक होता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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