हाइपरटेंशन का नाम सुनते ही क्या आपके मन में भी सवाल आता है कि कहीं ये टेंशन की बीमारी तो नहीं है? जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है- हापर और टेंशन तो क्या ये बहुत ज्यादा टेंशन लेने की समस्या है?
Hypertention: हाइपरटेंशन क्या 'टेंशन' की बीमारी है? जानिए इसके कारण से लेकर बचाव तक सबकुछ एकदम सरल भाषा में
हाइपरटेंशन का नाम सुनते ही क्या आपको भी लगता है कि ये टेंशन की बीमारी है? आइए इस बीमारी के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन क्यों कहते हैं?
हाइपरटेंशन शब्द हाइपर और प्रेशर दो शब्दों से मिलकर बना है। ये शब्द ग्रीक मूल से लिया गया है जिसमें हाइपर शब्द का मतलब ऊपर या अत्यधिक होता है जबकि टेंशन का अर्थ है रक्त वाहिकाओं में दबाव होता है। जिसका शाब्दिक अर्थ होता है रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाला अत्यधिक दबाव।
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें धमनियों की दीवारों पर रक्त का दबाव लगातार बहुत अधिक होता है, जिससे हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। अगर ये समस्या लगातार बनी रहती है तो इसके कारण समय के साथ धमनियों को नुकसान पहुंच सकता है।
हाइपरटेंशन की दिक्कत आखिर होती क्यों है?
सामान्य तौर पर स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड प्रेशर करीब 120/80 mmHg माना जाता है, लेकिन जब यह लंबे समय तक 140/90 mmHg या उससे अधिक बना रहे, तो इसे हाइपरटेंशन कहते हैं। हाइपरटेंशन होने के कई कारण हो सकते हैं।
- ज्यादा नमक का सेवन, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड, शारीरिक गतिविधियों में कमी, मोटापा, धूम्रपान और शराब की आदत इस समस्या को बढ़ाने वाली मानी जाती है।
- इसके अलावा लगातार मानसिक तनाव, नींद की कमी और भागदौड़ भरी जिंदगी भी ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।
- कुछ लोगों में यह समस्या आनुवंशिक भी हो सकती है, यानी अगर परिवार में पहले से हाई ब्लड प्रेशर रहा है तो आपमें भी जोखिम बढ़ जाता है।
क्या है हाइपरटेंशन की पहचान?
हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण आमतौर पर शुरुआत में बहुत स्पष्ट नजर नहीं आते हैं। रक्त वाहिकाओं पर बढ़ रहे खून के दबाव के कारण समय के साथ आपको सिरदर्द, चक्कर आने, धुंधला दिखने, सीने में भारीपन, सांस फूलने और थकान जैसी समस्या महसूस हो सकती है। कई बार ये लक्षण नजरअंदाज कर दिए जाते हैं, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकते हैं।
इसे कैसे कंट्रोल किया जाए?
हाइपरटेंशन के लक्षणों की अगर समय रहते पहचान कर ली जाए तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
- नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच, संतुलित और कम नमक वाला आहार ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए सबसे जरूरी माना जाता है।
- इसके अलावा रोजाना हल्की एक्सरसाइज, वजन नियंत्रित रखना, तनाव कम करना भी इस समस्या के खतरे को कम करने में मददगार है।
- जिन लोगों के माता-पिता या किसी करीबी रिश्तेदार को पहले से हाइपरटेंशन की दिक्कत रही हो उन्हें खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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