कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने को लेकर अबतक कई सारे शोध और अध्ययन हो चुके हैं। संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स से लेकर वस्तुओं, सतहों, पानी और हवा में इसके फैलने को लेकर कई सारी बातें सामने आ चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस पर तापमान, सर्दी, गर्मी आदि मौसम के असर को लेकर भी कुछ अध्ययन हो चुके हैं। पिछले दिनों कहा जा रहा था कि गर्मी आने से कोरोना वायरस का संक्रमण कम होगा। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी स्पष्ट किया था कि वायरस पर गर्मी के मौसम के असर को लेकर सटीक अध्ययन नहीं हुए हैं। इसको लेकर हुए एक नए अध्ययन में चौंकाने वाली बात सामने आई है।
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गर्मी और उमस बढ़ने का कोरोना वायरस पर क्या असर होगा? इस अध्ययन ने चौंकाया
Thu, 11 Jun 2020 07:47 AM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Thu, 11 Jun 2020 07:47 AM IST
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- फोटो : Pixabay/Amar Ujala
- इस नए अध्ययन ने अधिक गर्मी और उमस (Heat Weather and Humidity) से कोरोना संक्रमण कम होने की बात को खारिज कर दिया है। जियोग्राफिकल एनालिसिस नाम के जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च स्टडी में बताया गया है कि लंबे समय तक धूप खिली होने से महामारी के मामले बढ़े हैं। इस स्टडी के अनुसार, धूप निकलने से लोग बड़ी संख्या में बाहर निकलने लगते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
गर्मी का असर
- फोटो : Social Media
- कनाडा की मैकमास्टर यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में हुए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने व्यापक वैज्ञानिक बहस को लेकर इस बारे में जानकारी दी है कि मौसम में बदलाव, खासकर गर्मी के मौसम से कोरोना के फैलने की रफ्तार पर क्या असर पड़ता है। अध्ययन के मुताबिक, अधिक गर्मी और आर्द्रता से कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी हुई है।
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- शोधकर्ता बताते हैं कि इन्फ्लुएंजा और सार्स जैसे विषाणुजनित रोग कम तापमान और आर्द्रता में पैदा होते हैं। वहीं कोविड-19 फैलाने वाले वायरस सार्स-सीओवी-2 के बारे में ऐसी कम ही जानकारी है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने का बहुत दबाव रहा है और लोग यही जानना चाहते हैं कि क्या गर्मियों के महीनों में यह सुरक्षित होगा।
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बाहर निकलें तो सावधानी बरतनी चाहिए
- मैकमास्टर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और प्रमुख अध्ययनकर्ता अंतोनियो पायेज के मुताबिक, मौसम में बदलाव से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आंशिक रूप से आवाजाही में पाबंदियों पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में अब पाबंदियों में ढील दी जा रही है।