शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपनी डाइट में सुधार करने की सलाह देते हैं। हम क्या खाते हैं और कब खाते, इसका सेहत पर सीधा असर होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को हमेशा ऐसी डाइट लेने की सलाह देते हैं, जिससे जिससे शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति आसानी से हो सके।
जानना जरूरी: पैकेट वाली चीजें सेहत के लिए कितना नुकसानदायक, शरीर के भीतर क्या होता है असर?
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन सिर्फ वजन बढ़ने का कारण नहीं बनता। इनमें अक्सर हाई कैलोरी, नमक और चीनी का मात्रा अधिक और फाइबर कम हो सकता है। इनके अधिक सेवन को मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोग सहित कई समस्याओं का खतरा बढ़ाने वाला पाया गया है।
अध्ययनों से पता चलता है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में अक्सर कैलोरी, नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। इसकी तुलना में फाइबर और पोषक तत्वों की मात्रा काफी कम होती है। कम उम्र में ही ऐसी चीजें खाने की आदत समय से पहले मोटापा और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है।
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड ऐसे औद्योगिक रूप से तैयार खाद्य पदार्थ होते हैं जिनमें कई तरह के एडिटिव्स इस्तेमाल किए जाते हैं, ये लंबे समय में सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
वजन बढ़ने की समस्या
पैकेट बंद खाद्य पदार्थों में कैलोरी ज्यादा होती है और फाइबर कम। इनसे आपके शरीर में कम समय में ज्यादा कैलोरी पहुंचता है। नियमित रूप से अधिक मात्रा में इन चीजों का सेवन वजन बढ़ने और मोटापे के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है।
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स को लेकर रहें अलर्ट
अध्ययनों में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के ज्यादा सेवन को टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोग सहित कई अन्य क्रॉनिक बीमारियों को बढ़ाने वाला पाया गया है। इनमें मौजूद ज्यादा नमक, चीनी, कैलोरी और लो फाइबर कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यही कारण है कि खाने की चीजें लेते समय पैकेट पर लेवल चेक करें। इसमें नमक, चीनी, संतृप्त वसा और फाइबर की मात्रा देखें।
- शरीर को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में फल-सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, नट्स जैसी हेल्दी चीजों की मात्रा बढ़ाएं।
इन खतरों को भी जानिए
- अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में अक्सर ज्यादा चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट होते हैं। इन्हें बार-बार खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। लंबे समय तक ऐसी डाइट इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
- इन खाद्य पदार्थों में ज्यादा नमक, संतृप्त वसा और कैलोरी हो सकती है। इनका ज्यादा सेवन ब्लड प्रेशर, वजन और कोलेस्ट्रॉल जैसे जोखिम बढ़ सकता है।
- अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में अक्सर फाइबर कम होता है, जबकि शरीर और आंतों के लिए फाइबर जरूरी है। लंबे समय तक फाइबर वाली चीजें कम लेने से पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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