जीवनशैली और आहार की खराब आदतें न सिर्फ कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा रही हैं, साथ ही इसके कारण लोग समय से पहले ही बुढ़ापे के शिकार भी होते जा रहे हैं। इसके अलावा पर्यावरण में बढ़ता प्रदूषण भी उम्र से पहले ही लोगों में बुढ़ापे के लक्षणों को बढ़ावा दे रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि व्यवहारिक और पर्यावरणीय कारकों के चलते लोगों की औसत उम्र भी कम होती जा रही है। तो क्या इससे बचाव किया जा सकता है? जी हां- वैज्ञानिकों ने अध्ययन के दौरान उस एक खास पेय का पता लगाया है जिसका सेवन करके आप बढ़ती उम्र की रफ्तार को कम कर सकते हैं।
सेहत की बात: बढ़ती उम्र की रफ्तार पर लगेगा ब्रेक, 50 की उम्र में भी दिखेंगे जवां, वैज्ञानिकों ने बताया सबसे आसान तरीका
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ग्रीन-टी को अध्ययनों में पाया गया लाभदायक
पबमेड सेंट्रल में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि ग्रीन-टी कई तरह के स्वास्थ्य लाभ को समाहित किए हुए है। यह आपके लंबे जीवन के सपने को पूरा करने में भी मददगार हो सकती है। ग्रीन-टी को एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन-सी और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत माना जाता है तो त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के साथ कई तरह की अन्य गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी कम कर सकती है। डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में भी ग्रीन-टी के सेवन के लाभ के बारे में पता चलता है।
ग्रीन टी मोटापे को कर सकती है नियंत्रित
अध्ययनों में ग्रीन-टी के सेवन के वजन कम करने वाले प्रभावों के बारे में भी पता चलता है। फिजियोलॉजी एंड फार्माकोलॉजी ऑफ टेम्परेचर रेगुलेशन में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि ग्रीन टी मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देकर वजन घटाने में सहायक हो सकती है। वजन के नियंत्रित रहने से कई तरह की गंभीर बीमारियों का जोखिम कम हो जाता है।
मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में सहायक
ग्रीन-टी के सेवन को शरीर के साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माना जाता है। ग्रीन टी कैफीन और एंटीऑक्सिडेंट का एक अच्छा स्रोत है जो मूड को बढ़ावा देने में सहायक है। न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों के विकास के जोखिम को कम करने के साथ ग्रीन-टी का सेवन करना मानसिक रोगों के खतरे से सुरक्षा देने में भी मददगार है।
लंबी उम्र के लिए और क्या करना चाहिए?
अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक कई तरह के कारकों के चलते लोगों की उम्र कम होती जा रही है। शोध में पाया गया है कि आहार और जीवनशैली में स्वस्थ बदलाव करके शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है जो आपको लंबे समय तक जीवित रखने में मददगार साबित हो सकती है। इसके अलावा शारीरिक सक्रियता भी बहुत आवश्यक है। लोगों में समय के साथ कम होती शारीरिक गतिविधियों के कारण कई तरह के रोग और कम उम्र में ही मृत्यु का जोखिम बढ़ता जा रहा है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। बताए गए तरीके वैकल्पिक उपचार हैं, इन्हें दवाइयों का विकल्प नहीं माना जा सकता।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।