राजधानी दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों स्वाइन फ्लू के साथ मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों का खतरा भी देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से मच्छरों से बचाव के उपाय करते रहने की सलाह दे रहे हैं।
डॉक्टर ने बताया: मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से बच्चों को कैसे बचाएं, कौन से लक्षण हैं तो हो जाएं सावधान?
मच्छरों से फैलने वाली डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां बच्चों के लिए परेशानी बढ़ा सकती हैं। घर में जमा पानी मच्छरों के पनपने की जगह बन सकता है। नियमित सफाई, पानी जमा न होने देना, जाली, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े से बच्चों को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
बच्चों में मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां
अमर उजाला में प्रकाशित हालिया रिपोर्ट में हमने मलेरिया रोग और इसके खतरों को लेकर अलर्ट किया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों के लिए मलेरिया के साथ डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा भी अधिक होता है।
- डेंगू में ज्यादातर बच्चे ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में गंभीर डेंगू विकसित हो सकता है।
- कई बच्चों में तेज बुखार के साथ पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, तेजी से सांस लेने, मसूड़ों-शौच से खून आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं जिन्हें आपात स्थिति माना जाता है।
डॉक्टर कहते हैं, मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों से बच्चों और अन्य लोगों को बचाने के लिए केवल मच्छर काटने से बचाना नहीं, बल्कि मच्छर को पनपने से रोकना बहुत जरूरी है। अगस्त से अक्तूबर के महीनों में इसपर और गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
बच्चों में डेंगू-मलेरिया का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी माता-पिता को बच्चों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाने के लिए सावधान रहना चाहिए।
- डेंगू संक्रमित एडीज मच्छरों के काटने से फैलता है। ये मच्छर घर के आसपास पानी जमा होने वाले कंटेनरों में पनप सकते हैं। ये दिन और रात दोनों समय काटते हैं।
- मलेरिया मादा एनाफिलीस मच्छरों से फैलता है। इसमें तेज बुखार के साथ सिरदर्द और ठंड लगने की दिक्कत होती है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में मलेरिया के गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक देखा जाता है।
- चिकनगुनिया में अचानक बुखार और जोड़ों का दर्द की समस्या होती है।
मच्छर जनित बीमारियों से बचाव का तरीका क्या है?
डॉक्टर कहते हैं, मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए दो बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- पहला- मच्छर को पैदा होने से रोकना और बच्चे को मच्छर काटने से बचाना।
- इसके लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। फूलदान, बाथरूम, सिंक के नीचे या ऐसे स्थान जहां पानी या नमी बनी रहती है, वहां भी मच्छर मौजूद हो सकते हैं।
- खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाएं, शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनाएं और मच्छरों को काटने से बचाने के लिए मच्छर भगाने वाले उपाय करें।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
डॉक्टर कहते हैं, बच्चों में मच्छर जनित बीमारियों के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। इन महीनों में बच्चों में बुखार को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर आपके इलाके में पहले से डेंगू या मलेरिया का संक्रमण देखा जा रहा हो तो और सावधानी जरूरी है।
डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली, उल्टी और त्वचा पर दाने हो सकते हैं, ऐसे लक्षण दिखते ही बच्चों को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं। मलेरिया में बुखार के साथ ठंड लगने की समस्या हो सकती है। इस तरह के संकेतों को हल्के में लेकर घर पर ही खुद से इलाज करना भारी पड़ सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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