कैंसर, दुनियाभर में सबसे घातक रोगों में से एक है। पिछले एक-दो दशक में कई कारणों के चलते वैश्विक स्तर पर कैंसर रोगियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। कैंसर कई प्रकार का हो सकता है, त्वचा कैंसर भी इनमें से एक है। स्किन कैंसर ऑर्गनाइजेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 70 वर्ष की आयु तक हर पांच में से एक व्यक्ति इस गंभीर समस्या का शिकार हो जाता है। इतना ही नहीं यू.एस. में हर घंटे 2 से अधिक लोग त्वचा कैंसर के कारण मौत के शिकार हो रहे हैं। भारत में भी त्वचा कैंसर रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अगर समय रहते समस्या का निदान करके इलाज करा लिया जाए तो रोगी के बचने की संभावना कई गुना तक बढ़ जाती है।
Skin Cancer Prevention: विशेषज्ञों की सलाह- इन तीन बातों का ख्याल रखकर 70 फीसदी तक कम कर सकते हैं त्वचा कैंसर का खतरा
त्वचा कैंसर के लक्षणों को जानिए
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के विशेषज्ञों के मुताबिक त्वचा कैंसर किसी को भी हो सकता है, समय पर इसके लक्षणों की पहचान किया जाना आवश्यक है।
- त्वचा पर गहरे भूरे रंग के धब्बे दिखाई देना।
- त्वचा पर तिल या धब्बे के रंग, आकार में बदलाव होना या उससे खून बहना।
- त्वचा में असामान्य बदलाव के साथ खुजली और जलन की समस्या बनी रहना।
- त्वचा में गांठ महसूस होना।
सूर्य के संपर्क में जाने से बचें
सूर्य की किरणों को वैसे तो विटामिन-डी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है, पर इसके संपर्क में बहुत अधिक समय तक रहने वाले लोगों में त्वचा कैंसर का जोखिम काफी अधिक होता है। सूरज की पराबैंगनी किरणों के अत्यधिक संपर्क में आने से उम्र बढ़ने के लक्षण जैसे झुर्रियाँ, काले धब्बे और यहां तक कि त्वचा के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। विशेषकर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें या फिर त्वचा को अच्छी तरह से ढककर बाहर निकलें। सनस्क्रीन का उपयोग करना भी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
पौष्टिक आहार बहुत आवश्यक
अध्ययनों में कई फलों-सब्जियों को एंटी-कैंसर गुणों से युक्त पाया गया है, ऐसे में इनका सेवन करने की आदत बनाना आपमें कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। फाइबर, विटामिन-सी, ए, और ई, कार्बोहाइड्रेट, एंटीऑक्सिडेंट, स्वस्थ वसा और प्रोटीन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर फलों और सब्जियों को आहार में शामिल करके आप कैंसर सहित कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं। कई अध्ययनों के अनुसार, प्रोसेस्ड रेड मीट, हाई-शुगर और हाई-फैट वाले खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन को कैंसर के उच्च जोखिम से संबंधित पाया गया है।
नियमित व्यायाम का बनाएं आदत
कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए पर्याप्त शारीरिक गतिविधि को सुनिश्चित करना बहुत आवश्यक है। अनुसंधान में बताया गया है कि व्यायाम की आदत कोलन, किडनी, पाचन तंत्र और स्तन कैंसर के जोखिम को 33 प्रतिशत तक कम कर सकती है। दिनचर्या में नियमित योग-व्यायाम को शामिल करके आप न सिर्फ शारीरिक तौर पर फिट बने रह सकते हैं साथ ही यह आदत आपको कई बीमारियों से बचाने में भी मददगार है।
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स्रोत और संदर्भ
Skin Cancer risk
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