क्या आप भी अक्सर रात में जाग जाते हैं? अचानक नींद टूट जाने के बाद फिर से नींद नहीं आती है?
जानना जरूरी: रोज रात में अचानक टूट जाती है आपकी नींद? आखिर क्या हो सकती है इसके पीछे की वजह
Sleep Disorders: कभी-कभार रात में 2-3 बजे आंख खुलना सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार ऐसा होना नींद की समस्याओं का संकेत हो सकता है। तनाव-चिंता, कैफीन, कमरे का माहौल और स्लीप एपनिया जैसी स्थितियां नींद की समस्याओं का कारण बन सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रात में अक्सर नींद टूट जाने के पीछे तनाव से लेकर कैफीन, मोबाइल की आदत और कई बार कुछ प्रकार की नींद संबंधी बीमारियां भी कारण हो सकती हैं। अगर सोते समय सांस रुकने या दिनभर बहुत ज्यादा नींद आने की भी दिक्कत होती हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ज्यादा तनाव हो सकता है कारण
तनाव और चिंता दिमाग को रात में भी सक्रिय रखते हैं। दिनभर की परेशानियां, काम का दबाव, परिवार या पैसे से जुड़ी चिंता सोने के बाद भी दिमाग में चलती रह सकती हैं। ऐसे में आप रात में अचानक जाग जाते हैं और फिर सोच-विचार शुरू हो जाता है। तनाव और चिंता को नींद विकारों का आम कारण भी माना जाता है।
मोबाइल की लत और चाय-कॉफी की आदत
- सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल चलाना, देर शाम चाय-कॉफी या कैफीन वाले पेय लेना और सोने से पहले भारी भोजन के कारण भी नींद प्रभावित हो सकती है। कैफीन देर तक आपको जगाए रखती है, जबकि भारी भोजन से नींद में परेशानी पैदा हो सकती है।
खर्राटे और नींद की समस्या
- अगर रात में तेज खर्राटे आते हैं, सोते समय सांस रुकती है या घुटन-हांफने जैसी समस्याएं होती हैं, तो ये स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। स्लीप एपनिया में सोते समय सांस बार-बार रुकती और फिर शुरू होती है। इसके कारण आपको दिन में अत्यधिक थकान, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और सुबह सिरदर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
अगर कभी-कभार आपकी नींद टूटती है तो आमतौर पर घबराने की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, दिनभर थकान रहती है या काम पर ध्यान नहीं लगता तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। नींद टूटने के कारणों का पता लगाकर उसका इलाज कराएं। कई बार शरीर में बढ़ रही गंभीर बीमारियों के कारण भी ऐसी परेशानी हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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