बीते-दिनों हुई बारिश के कारण कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इससे मच्छरों के बढ़ने और डेंगू-मलेरिया के खतरे को लेकर अलर्ट कर रहे हैं। डेंगू-मलेरिया का बुखार वैसे तो ज्यादातर लोगों में हल्के लक्षणों वाला होता है और सामान्य उपचार से ठीक हो जाता है। हालांकि कुछ मामलों में ये बीमारियां गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण हो सकती हैं।
हेल्थ अलर्ट: डेंगू-मलेरिया के बाद कई हफ्तों तक क्यों बनी रहती है थकान? इन संकेतों को लेकर रहें सावधान
Dengue Risk: डेंगू और मलेरिया से ठीक होने के बाद कुछ समय तक कमजोरी और थकान रह सकती है। मलेरिया में एनीमिया कमजोरी की वजह बन सकती है।
डेंगू के बाद होने वाली दिक्कतें
डेंगू के बाद लोगों में कई हफ्तों तक थकान बनी रह सकती है। मलेरिया में भी बीमारी के दौरान शरीर पर काफी दबाव पड़ता है। कुछ मामलों में एनीमिया भी हो सकती है, जिससे कमजोरी, चक्कर और सांस फूलने जैसी शिकायतें हो सकती हैं। इसलिए रिकवरी के दौरान शरीर को समय देना और ठीक होने के बाद भी कुछ संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।
- डेंगू के दौरान तेज बुखार, शरीर और जोड़ों में दर्द, सिरदर्द जैसी परेशानियां होती हैं।
- शरीर इन समस्याओं से मुकाबले के दौरान काफी ऊर्जा खर्च करता है। यही कारण है कि बीमारी खत्म होने के बाद भी शरीर तुरंत पहले जैसी ताकत में नहीं लौट पाता।
- डेंगू से ठीक होने के बाद कई हफ्तों तक थकान रह सकती है। इसलिए बुखार उतरते ही बहुत ज्यादा मेहनत नहीं शुरू करनी चाहिए।
मलेरिया के बाद कमजोरी की वजह बन सकती है एनीमिया
मलेरिया में परजीवी संक्रमण का असर लाल रक्त कोशिकाओं पर पड़ सकता है, यही कारण है कि कई लोगों में एनीमिया की समस्या हो सकती है। शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं और हीमोग्लोबिन कम होने पर ऑक्सीजन का संचार प्रभावित हो सकता है।
- इससे थकान, कमजोरी, चक्कर और थोड़ी मेहनत पर सांस फूलने जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, मलेरिया को एनीमिया का खतरा बढ़ाने वाला भी माना जाता है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
डेंगू में एक खास बात ध्यान रखना जरूरी है। बुखार कम होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि खतरा पूरी तरह खत्म हो गया। बीमारी के लगभग 3-7वें दिन जब तापमान कम होने लगता है तो कुछ मरीजों में गंभीर लक्षण सामने आ सकते हैं। इस दौरान पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, तेजी से सांस लेने, मसूड़ों या नाक से खून आने जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से सहायता लेनी चाहिए।
- अगर डेंगू-मलेरिया बीमारी ठीक होने के बाद भी कमजोरी लगातार बनी हुई है या रोजमर्रा के काम मुश्किल हो रहे हैं तो इसे केवल बीमारी के बाद की सामान्य कमजोरी मानकर इग्नोर न करें
- मलेरिया के बाद लगातार बुखार या ठंड लगने पर दोबारा जांच की जरूरत हो सकती हैं, डॉक्टर जरूरत पड़ने पर एनीमिया की भी जांच कर सकते हैं, इसलिए बीमारी से ठीक होने के बाद भी विशेष सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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