लाइफस्टाइल की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इसका ब्रेन हेल्थ पर भी नकारात्मक असर देखा जा रहा है। लिहाजा लोगों में याददाश्त की कमजोरी की समस्याएं, ब्रेन फॉग की दिक्कतें ज्यादा देखी जा रही हैं।
ब्रेन हेल्थ: उम्र बढ़ने के साथ दिमाग को एक्टिव रखना है तो करें ये उपाय, विशेषज्ञों ने बताया कारगर
Brain Health: रोजाना पैदल चलना सिर्फ शरीर के लिए नहीं, दिमाग की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। रिसर्च में पाया गया है कि नियमित शारीरिक गतिविधि याददाश्त को बेहतर बनाने, सोचने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य में लाभ दे सकती है।
रोजाना वॉक से दिमाग को फायदे
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र बढ़ने के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हाल की रिसर्च में रोजाना तेज चलने की आदत को मानसिक स्वास्थ्य, याददाश्त तथा सोचने की क्षमता में सुधार करने वाला पाया गया है। लगातार बैठे रहने के बजाय रोजमर्रा की गतिविधि बढ़ाना दिमाग के लिए फायदेमंद आदत हो सकती है।
- पैदल चलने और दिमाग की कार्यक्षमता के बीच संबंध पर कई अध्ययन हुए हैं। 2025 की एक समीक्षा में बुजुर्गों पर किए गए 17 अध्ययनों के डेटा का अध्ययन किया गया। इनमें से 9 अध्ययनों में वॉक करने से कम से कम एक मानसिक क्षमता में सुधार देखा गया।
- इससे याददाश्त में विशेष लाभ सामने आया। शरीर को एक्टिव रखने की यह आदत दिमाग के साथ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है।
दिमाग को कैसे मिलता है फायदा?
वॉक करने से हमारी शारीरिक गतिविधि बढ़ती है। 2025 की एक बड़ी समीक्षा में 57 अध्ययनों और 35 समूहों के आंकड़ों को देखा गया। इसमें वॉकिंग स्टेप्स बढ़ाने वाले लोगों में डिमेंशिया और अवसाद जैसी समस्याओं का खतरा, अन्य लोगों की तुलना में कम पाया गया।
- हाल की समीक्षा में करीब 7 हजार कदम रोजाना चलने को भी सेहत के लिए लाभकारी पाया गया है। कुछ अध्ययन बताते हैं रोजाना 10 हजार कदम तक चलने की आदत हार्ट हेल्थ को लाभ पहुंचा सकती है।
लंबे समय तक बैठे रहने से बेहतर है थोड़ा ज्यादा चलना
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपका काम लंबे समय तक बैठकर करने वाला है, तो पूरे दिन बिल्कुल निष्क्रिय रहने के बजाय बीच-बीच में चलने की आदत बनाएं। हालिया शोध में दैनिक गतिविधि और बेहतर मानसिक कार्यक्षमता के बीच लिंक पाया गया है। बुजुर्गों में भी वॉक करने की आदत संज्ञानात्मक क्षमता में सुधार करने में फायदेमंद पाई गई है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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