देश में इस समय त्योहारों का मौसम चल रहा है। पहले नवरात्रि फिर दीपावली और अन्य कई त्योहार। इसमें से कई त्योहारों में व्रत रहने की प्रावधना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वैसे तो व्रत रहना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, हालांकि नवरात्रि जैसे नौ दिनों के व्रत में शरीर में ऊर्जा की कमी होना स्वाभाविक है। व्रत के दिनों में शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखना भी आवश्यक होता है, ऐसे में आपको उन पेय पदार्थों का सेवन जरूर करना चाहिए, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ तमाम तरह के पोषक तत्वों की भी पूर्ति कर सकें।
सलाह: त्योहारों के इस मौसम में शरीर को रखें स्वस्थ और हाइड्रेटेड, यह पेय पदार्थ हैं बेहद फायदेमंद
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नारियल पानी
नारियल पानी को कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। नारियल पानी आपके शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ तरोताजा करने में मदद कर सकता है। कई बीमारियों में डॉक्टर रोगियों को नारियल पानी पीने की सलाह देते हैं। नारियल के पानी में कैलोरी की मात्रा कम होती है और इसे फैट और कोलेस्ट्रॉल से भी मुक्त माना जाता है।
लस्सी
इस त्योहारी सीजन में लस्सी का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। लस्सी, दही से बनाया जाता है, यही कारण है कि इसे प्रोबायोटिक्स का एक समृद्ध स्रोत माना जाता जो पाचन में सहायता कर सकती है। लस्सी पेट को शांत करते हुए आंत के स्वस्थ बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है। त्योहारी मौसम में शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए लस्सी का सेवन करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
नींबू पानी का सेवन वर्षों से तमाम प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता रहा है। शिकंजी शरीर को विटामिन सी प्रदान करता है जिसे प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखने के साथ पेट को ठीक रखने में भी शिकंजी पीना सेहत के लिए लाभदायक हो सकता है। चूंकि नींबू में तमाम प्रकार के अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं जिनकी शरीर को बहुत आवश्यकता होती है, ऐसे में शिकंजी का सेवन करना सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।