शुगर का बढ़ता स्तर लोगों के लिए बड़ी समस्या का कारण बना हुआ है। अचानक से बढ़ा हुआ शुगर का स्तर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने को हाइपरग्लेसेमिया के रूप में जाना जाता है। यह स्थिति गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कि किडनी की क्षति, आंखों की रोशनी जाने और कई अन्य तरह की समस्याओं का कारण बन सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपने ब्लड शुगर के स्तर पर निगरानी रखने की सलाह देते हैं। शुगर का स्तर बढ़ जाने पर तुरंत इसे कम करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
आज का हेल्थ टिप्स: अचानक से बढ़ जाए शुगर का लेवल तो तुरंत नियंत्रित करने के लिए करें ये काम, मिलेगा लाभ
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इंसुलिन से नियंत्रित हो सकती है स्थिति
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यदि आपको, शुगर को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन लेने की सलाह दी गई है तो इसमें कोई लापरवाही न करें। शरीर में इंसुलिन की मात्रा बहुत कम हो जाने के कारण शुगर का स्तर बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर द्वारा बताए गए डोज के आधार पर इंसुलिन लेने से ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में लाभ मिल सकता है। इंसुलिन का इंजेक्शन शुगर के स्तर को कम करने में सहायक होता है।
एक्सरसाइज से मिलता है लाभ
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शुगर के बढ़े हुए स्तर को नियंत्रित करने के लिए व्यायाम करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। शारीरिक गतिविधियां आपके रक्त शर्करा को कम करने में मदद कर सकती है। व्यायाम करते समय, आपका शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का उपयोग करने के लिए इंसुलिन का बेहतर उपयोग करने में सक्षम होता है। वैसे तो शुगर लेवल कम करने के लिए कोई विशिष्ट व्यायाम नहीं है हालांकि सामान्य शारीरिक गतिविधि भी इसमें आपके लिए मददगार हो सकती है। शुगर के रोगियों को नियमित रूप से व्यायाम करने की सलाह दी जाती है।
पानी पीते रहना आवश्यक
डॉक्टर बताते हैं कि शुगर के बढ़े हुए स्तर को आसानी से कम करने के लिए पानी पीना बहुत लाभदायक हो सकता है। पानी आपके शरीर से अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने में मदद करता है। ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखना महत्वपूर्ण है। शुगर की समस्या से परेशान लोगों को रोजाना कम से कम 4 लीटर पानी पीने की सलाह दी जाती है, जिससे ब्लड शुगर को आसानी से नियंत्रित रखा जा सके।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।