दुनियाभर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इसकी वैक्सीन तैयार करने में कई देशों के वैज्ञानिक लगे हैं। चीन और रूस ने वैक्सीन बना ली है, जबकि भारत, ब्रिटेन, अमेरिका समेत कई देश भी कामयाबी के काफी करीब हैं। इस बीच कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए तमाम तरह के प्रयास हो रहे हैं। कोविड की जांच से लेकर वायरस को रोकने और खत्म करने के लिए कई तरह के आविष्कार हो रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली की दो स्टार्टअप कंपनियों ने कोरोना से सुरक्षा के लिए एंटी वायरल किट बनाई है। इसमें एक टी-शर्ट है है, सैनिटाइजर है, मास्क है और लोशन है। आईआईटी का दावा है कि इस टी-शर्ट के संपर्क में आते ही कोरोना वायरस निष्क्रिय हो जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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इस टी-शर्ट के बारे में आईआईटी का दावा है कि यह टी-शर्ट बेहद खास है, जिसके संपर्क में आने पर कोरोना वायरस निष्क्रिय हो जाएगा। इस संबंध में आईआईटी के प्रो. विपिन कुमार का कहना है कि संस्थान में कई महीने से वायरस रोधी कपड़ा बनाने को लेकर शोध चल रहा था। लंबे शोध के बाद इस तरह का वायरसरोधी कपड़ा तैयार किया गया, जिससे टी-शर्ट बनाई गई है। इसे कवच एंटीवायरस टीशर्ट और कवच मास्क नाम दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि इसके लिए कई तरह के रसायनों की कोटिंग की गई है। कोई भी वायरस कपड़े के संपर्क में आएगा तो इन रसायनों की वजह से निष्क्रिय हो जाएगा। प्रो. कुमार के मुताबिक, इस कपड़े की एक खास बात यह भी है कि इसमें प्रयुक्त रसायनों का शरीर पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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प्रो. कुमार के मुताबिक, इस कपड़े को 30 बार तक धोकर प्रयोग किया जा सकेगा। इस दौरान यह कपड़ा 95 फीसदी तक वायरसरोधी रहेगा, यानी संपर्क में आने वाले 95 फीसदी वायरसों को निष्क्रिय कर देगा। खबरों के मुताबिक, अभी स्मॉल(S), मीडियम(M) और लार्ज(L) साइज में टी-शर्ट उपलब्ध है। मांग होने पर महिलाओं और बच्चों के लिए भी वायरसरोधी कपड़े तैयार किए जाएंगे।
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Coronavirus
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आपको बता दें कि आईआईटी में ही कुछ माह पहले चाय और हरड़ के संयोजन से कोरोना से निपटने के संबंध में शोध हुआ था, जिसकी प्रशंसा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी की थी। आईआईटी के निदेशक प्रो. वी राम गोपाल राव ने कहा, ये गर्व का विषय है कि कोरोना जैसी महामारी के दौरान आईआईटी दिल्ली में जरूरी शोध हो रहे हैं और तकनीक के माध्यम से लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में भी संस्थान भूमिका निभा रहा है।