घर में, दुकान में या ऑफिस में ज्यादातर समय या तो कुर्सी-सोफे पर बैठे बीत रहा है या फिर बेड पर लेटे-लेटे समय बीत रहा है, ऐसे में कमर दर्द की परेशानी होना लाजमी है। एक बार कमर दर्द शुरू हो जाए तो फिर उठना, बैठना और सोना मुश्किल हो जाता है। कमर दर्द की समस्या आम बात है। कई बार काम में व्यस्तता के कारण हमारा ध्यान इस ओर नहीं जाता तो कई बार हम इसे नजरअंदाज भी कर रहे होते हैं। दोनों ही स्थितियों में समस्या बढ़ सकती है। कमर में दर्द कई कारणों से हो सकता है और इसके अलग-अलग उपाय भी होते हैं। आइए जानते हैं कमर दर्द के कारण, बचाव और उपायों के बारे में।
कमर दर्द से हैं परेशान तो ये टिप्स आएंगे आपके काम, जानें उठने-बैठने और सोने का सही तरीका कैसा हो
मांसपेशियों में खिंचाव होना:
कमर दर्द का एक बड़ा कारण मांसपेशियों में खिंचाव होता है। अचानक बैठते, उठते, कोई काम करते हुए या फिर सीढ़ियां चढ़ने-उतरने के दौरान भी मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है। यह समस्या लंबे समय तक के लिए कमर दर्द दे सकती है।
बचाव और उपाय:
सीढ़ियां चढ़ते-उतरते ध्यान रखना चाहिए। अगर आप काफी देर से बैठे हुए हों तो अचानक से नहीं उठना चाहिए। मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो तो कोई भी ऐसा काम करने से बचना चाहिए, जिससे कमर पर जोर पड़ता हो या झटका लगता हो। अगर यह समस्या लगातार हो रही हो तो आपको विशेषज्ञ चिकित्सक या फिर फिजियोथेरेपिस्ट से मिलना चाहिए।
मांसपेशियां कमजोर होना:
अक्सर 40 साल की उम्र के आसपास या उसके बाद मांसपेशियां कमजोर होने की समस्या होती है। इसके अलावा रीढ़ में किसी गंभीर चोट का शिकार हुए लोगों को भी ऐसी समस्या होती है। कमर की मांसपेशियां कमजोर होने पर अक्सर कमर में दर्द रहता है।
बचाव/उपाय:
ढलती उम्र के साथ अपने खानपान का ध्यान रखना चाहिए। विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना चाहिए। इसके साथ ही योग को अपनी जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बना लें और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें। किसी फिजियोथेरेपिस्ट से मिलकर व्यायाम शुरू करना ज्यादा श्रेयस्कर है।