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Stress and Diabetes Connection: तनाव की वजह से कहीं आप न हो जाएं डायबिटीज के शिकार!
Mon, 22 Jun 2026 01:39 PM IST
Shruti Gaur
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:39 PM IST
सार
How Stress Affects Diabetes: अक्सर आपने लोगों को कहते सुना होगा कि ज्यादा स्ट्रेस शरीर के हार्मोन को प्रभावित कर ब्लड शुगर बढ़ा सकता है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। इस बात में कितनी सच्चाई है, आइए जानते हैं।
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तनाव की वजह से कहीं आप न हो जाएं डायबिटीज के शिकार!
- फोटो : AI
How Stress Affects Diabetes: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव यानी स्ट्रेस एक आम समस्या बन चुका है। काम का दबाव, अनियमित दिनचर्या और नींद की कमी के कारण लोग लगातार मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
तनाव की वजह से कहीं आप न हो जाएं डायबिटीज के शिकार!
- फोटो : Freepik.com
कैसे तनाव डालता है शरीर पर असर?
तनाव (स्ट्रेस) हमारे शरीर पर सिर्फ मानसिक नहीं, बल्कि शारीरिक स्तर पर भी गहरा असर डालता है। जब कोई व्यक्ति तनाव में होता है, तो दिमाग सक्रिय होकर शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन रिलीज करता है।
ये हार्मोन शरीर को तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए “फाइट या फ्लाइट” मोड में डाल देते हैं, जिससे ऊर्जा के लिए ब्लड में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। यह स्थिति कुछ समय के लिए सामान्य हो सकती है, लेकिन अगर तनाव लगातार बना रहे तो समस्या बढ़ सकती है।
तनाव की वजह से कहीं आप न हो जाएं डायबिटीज के शिकार!
- फोटो : Freepik.com
इंसुलिन संवेदनशीलता होती है प्रभावित
लंबे समय तक स्ट्रेस रहने पर शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता प्रभावित होने लगती है। इसका मतलब है कि इंसुलिन हार्मोन, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है, ठीक से काम नहीं कर पाता। धीरे-धीरे शरीर में शुगर लेवल असंतुलित होने लगता है, जिससे प्री-डायबिटीज या डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
लंबे समय तक स्ट्रेस रहने पर शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता प्रभावित होने लगती है। इसका मतलब है कि इंसुलिन हार्मोन, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है, ठीक से काम नहीं कर पाता। धीरे-धीरे शरीर में शुगर लेवल असंतुलित होने लगता है, जिससे प्री-डायबिटीज या डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
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तनाव की वजह से कहीं आप न हो जाएं डायबिटीज के शिकार!
- फोटो : Adobe Stock
विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव अकेले डायबिटीज का कारण नहीं बनता, लेकिन यह एक बड़ा रिस्क फैक्टर जरूर है, खासकर उन लोगों में जो पहले से मोटापे, खराब डाइट या पारिवारिक इतिहास जैसी समस्याओं से जूझ रहे हों।
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तनाव की वजह से कहीं आप न हो जाएं डायबिटीज के शिकार!
- फोटो : Freepik.com
इन वजहों से भी होती है डायबिटीज
इसके अलावा, तनाव के दौरान लोग अक्सर गलत जीवनशैली अपना लेते हैं—जैसे ज्यादा जंक फूड खाना, एक्सरसाइज न करना और नींद पूरी न लेना। ये सभी आदतें मिलकर डायबिटीज के खतरे को और अधिक बढ़ा देती हैं।
इसलिए तनाव को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि ब्लड शुगर और पूरे मेटाबॉलिक सिस्टम के संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
इसके अलावा, तनाव के दौरान लोग अक्सर गलत जीवनशैली अपना लेते हैं—जैसे ज्यादा जंक फूड खाना, एक्सरसाइज न करना और नींद पूरी न लेना। ये सभी आदतें मिलकर डायबिटीज के खतरे को और अधिक बढ़ा देती हैं।
इसलिए तनाव को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि ब्लड शुगर और पूरे मेटाबॉलिक सिस्टम के संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।