धूम्रपान को विशेषज्ञ गंभीर स्वास्थ्य जोखिम मानते हैं जिससे सेहत को कई प्रकार से नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। अध्ययनों में पाया गया है कि धूम्रपान शरीर के लगभग सभी महत्वपूर्ण अंगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर नुकसान पहुंचाती है। आमतौर पर धू्म्रपान को फेफड़ों में होने वाली बीमारियों और लंग्स कैंसर का कारण माना जाता है, पर असल में इसके दुष्प्रभाव इससे भी कहीं ज्यादा हो सकते हैं। धूम्रपान फेफड़ों के साथ हार्ट, आंखों, तंत्रिकाओं, मस्तिष्क को भी क्षति पहुंचा सकती है।
सावधान: इस आदत के कारण हर साल 80 लाख से अधिक लोगों की होती है मौत, लंग्स-सांस की बीमारियों का है प्रमुख कारण
धूम्रपान से होने वाले नुकसान
अध्ययनों में पाया गया है कि तम्बाकू उत्पादों और धूम्रपान के कारण से हर साल 8 मिलियन (80 लाख) से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। जिसमें अनुमानित 13 लाख लोग सेकेंड हैंड स्मोकिंग के कारण होने वाली समस्याओं के कारण मारे जाते हैं। दुनिया के 1.3 अरब तंबाकू उपयोगकर्ताओं में से लगभग 80% निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं।
धूम्रपान की आदत कई क्रोनिक बीमारियों को बढ़ाने वाली हो सकती है। अगर समय रहते धूम्रपान को छोड़ दिया जाए तो कई गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
कई प्रकार के कैंसर का बढ़ जाता है खतरा
धूम्रपान शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है।आपके संपूर्ण स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अध्ययनकर्ताओं ने कई प्रकार के कैंसर के लिए धू्म्रपान की आदत को प्रमुख जोखिम कारक पाया है। प्रमुख रूप से ये फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है। लंग्स कैंसर के 60 फीसदी से अधिक रोगियों में धूम्रपान को एक कारण पाया गया है।
इसके अलावा ये आदत आपके शरीर में लगभग कहीं भी कैंसर विकसित होने का खतरा बढ़ा सकती है। इससे मूत्राशय कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, कोलोरेक्टल-गर्भाशय का कैंसर और लिवर कैंसर भी हो सकता है।
तंत्रिका तंत्र से संबंधित समस्याओं का खतरा
तंबाकू में मौजूद तत्वों में से निकोटीन आपमें लत का कारण बन सकती है। निकोटीन कुछ ही सेकंड में आपके मस्तिष्क तक पहुंच जाता है और आपको कुछ देर के लिए ऊर्जावान बना सकता है। लेकिन जैसे-जैसे प्रभाव कम होता जाता है, आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं।
लंबे समय तक धूम्रपान करने से आपकी दृष्टि और ऑप्टिक नर्व्स प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा धूम्रपान से वायुमार्ग, फेफड़ों में वायु थैली (एल्वियोली) को भी गंभीर खतरा रहता है।
हृदय से संबंधित रोगों का खतरा
सीडीसी के अनुसार, अमेरिका में 4 में से 1 मौत सिगरेट पीने के कारण होने वाली हृदय संबंधी बीमारियों के कारण होती है। धूम्रपान का हृदय प्रणाली पर भी गंभीर असर देखा गया है। ये दिल के अलावा धमनियों और रक्त वाहिकाओं की दीवार को कमजोर कर देती है। निकोटीन रक्त वाहिकाओं को कड़ा कर देता है, जिससे रक्त का प्रवाह बाधित हो सका है। धूम्रपान से रक्तचाप भी बढ़ सकता है, रक्त वाहिका की दीवारें कमजोर होती हैं और रक्त के थक्कों का खतरा भी बढ़ जाता है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।