उत्तर भारत सहित देश के ज्यादातर हिस्सों में सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है। ठंड का यह मौसम खान-पान के नजरिए से कई लोगों का सबसे पसंदीदा होता है पर इस मौसम में सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से जिन लोगों को पहले से ही स्वास्थ्य समस्याएं हैं उन्हें विशेष बचाव करते रहने की आवश्यकता होती है।इस मौसम में तापमान में आने वाली गिरावट के साथ अस्थमा जैसी सांस की समस्याओं के ट्रिगर होने का खतरा हो सकता है। ऐसे में बचाव के उपाय करते रहना और सेहत का ख्याल रखना बहुत आवश्यक हो जाता है।
Health Tips: अस्थमा को ट्रिगर कर सकता है सर्द मौसम, इन आसान उपायों से कर सकते हैं बचाव
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आहार में बदलाव की जरूरत
अस्थमा की समस्या को ट्रिगर होने से बचाने के लिए स्वस्थ आहार का सेवन करना आवश्यक माना जाता है। वैसे तो अस्थमा वाले लोगों के लिए कोई विशिष्ट आहार नहीं है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर गंभीर जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है। स्वस्थ और संतुलित आहार जिसमें बहुत सारे फल और सब्जियां शामिल हों, इनका सेवन आपको जटिलताओं से बचाने में मददगार है। ये बीटा-कैरोटीन और विटामिन सी-ई जैसे एंटीऑक्सिडेंट के अच्छे स्रोत हैं जो आपके वायुमार्ग के आसपास की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
लहसुन-अदरक से लाभ
अध्ययनों में पाया गया है कि अस्थमा के रोगियों के लिए एंटी-इंफ्लामेटरी चीजों का सेवन करना लाभकारी हो सकता है। साल 2013 के एक अध्ययन के अनुसार, लहसुन में सूजन-रोधी गुण सहित कई ऐसे तत्व होते हैं जो इंफ्लामेशन को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इसी तरह से अदरक भी इंफ्लामेशन के खतरे से आपको बचाने में मददगार है। अध्ययन से पता चला है कि अदरक से अस्थमा के लक्षणों में सुधार हो सकता है।
योग की बनाएं आदत
शरीर को स्वस्थ रखने और लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से योगासनों के अभ्यास की आदत बनाने की सलाह दी जाती है, इससे अस्थमा में भी लाभ पाया जा सकता है। योग, संपूर्ण फिटनेस को बढ़ाने में मदद करता है। योग का अभ्यास करने से तनाव कम हो सकता है, जिससे अस्थमा को ट्रिगर होने से रोका जा सकता है। योग और श्वसन तकनीक अस्थमा अटैक के जोखिमों को कम करने में मदद करती है।
दवा और इनहेलर का प्रयोग
जिन लोगों को अस्थमा की समस्या होती है उन्हें समय पर दवाइयों और इनहेलर लेने की सलाह दी जाती है। अस्थमा की समस्या को ट्रिगर होने से बचाने के लिए समय पर इनहेलर लेना आवश्यक होता है।
अस्थमा को ट्रिगर होने से बचाने के लिए सर्द मौसम से बचाव करते रहना आवश्यक माना जाता है। सांस की समस्याओं में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।