कोरोना संक्रमण के कहर से देश बुरी तरह से परेशान है। विशेषज्ञ कहते हैं कि कई तरह की कोमोरबिडिटी से ग्रसित लोगों को कोरोना होने का खतरा ज्यादा होता है। कोमोरबिडिटी का मतलब है किसी व्यक्ति को एक ही समय में एक से अधिक गंभीरियां होना। ऐसे में विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन रोगियों को डायबिटीज, उच्च रक्तचाप या हार्ट की बीमारी होती है उनमें संक्रमण का डर अधिक होता है।
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World Hypertension Day 2021: कोरोना काल में हाइपरटेंशन रोगियों को ऐसी गलती पड़ सकती है भारी, जानें बचाव के टिप्स
Mon, 17 May 2021 05:12 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Mon, 17 May 2021 05:12 PM IST
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हाइपरटेंशन है एक गंभीर समस्या
- फोटो : Social Media
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उच्च रक्तचाप वाले लोगों को कोविड-19 का खतरा
- फोटो : Pixabay
उच्च रक्तचाप और कोविड-19
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा जारी एक दस्तावेज में बताया गया कि कोविड-19 के शिकार अधिकांश (80 फीसदी) लोगों में श्वसन संक्रमण (बुखार, गले में खराश, खांसी) के हल्के लक्षण देखे जाते हैं। वहीं जिन लोगों को पहले से ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी दिक्कतें होती है, उनमें संक्रमण के लक्षण गंभीर रूप ले सकते हैं। ऐसे रोगियों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा जारी एक दस्तावेज में बताया गया कि कोविड-19 के शिकार अधिकांश (80 फीसदी) लोगों में श्वसन संक्रमण (बुखार, गले में खराश, खांसी) के हल्के लक्षण देखे जाते हैं। वहीं जिन लोगों को पहले से ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी दिक्कतें होती है, उनमें संक्रमण के लक्षण गंभीर रूप ले सकते हैं। ऐसे रोगियों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।
ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें
- फोटो : social media
कोरोना का खतरा क्यों होता है अधिक?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि उच्च रक्तचाप से ग्रसित लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली, स्वस्थ लोगों की तुलना में कमजोर होती है,यही कारण है कि ऐसे रोगियों को कोरोना वायरस संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। लंबे समय तक हाइपरटेंशन की स्थिति और बढ़ती उम्र आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को और कमजोर कर देती है जिसके चलते वायरस से मुकाबला मुश्किल हो जाता है। इसलिए कोरोना के इस विपरीत समय में उच्च रक्तचाप वाले रोगियों को ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के साथ जीवनशैली ठीक रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि उच्च रक्तचाप से ग्रसित लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली, स्वस्थ लोगों की तुलना में कमजोर होती है,यही कारण है कि ऐसे रोगियों को कोरोना वायरस संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। लंबे समय तक हाइपरटेंशन की स्थिति और बढ़ती उम्र आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को और कमजोर कर देती है जिसके चलते वायरस से मुकाबला मुश्किल हो जाता है। इसलिए कोरोना के इस विपरीत समय में उच्च रक्तचाप वाले रोगियों को ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के साथ जीवनशैली ठीक रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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लक्षणों पर रखें विशेष नजर
- फोटो : Social media
किन लक्षणों से करें हाइपरटेंशन की पहचान
डॉक्टर बताते हैं कि हाइपरटेंशन के शिकार लोगों को निम्न समस्याएं हो सकती हैं। इन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसे लक्षण कुछ दिनों तक बने रहें तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
डॉक्टर बताते हैं कि हाइपरटेंशन के शिकार लोगों को निम्न समस्याएं हो सकती हैं। इन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसे लक्षण कुछ दिनों तक बने रहें तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
- गंभीर सिरदर्द।
- नक से खून आना।
- थकान या भ्रम की स्थिति।
- स्पष्ट दिखाई न देने की समस्या।
- छाती में दर्द।
- सांस लेने में तकलीफ।
- दिल की धड़कन का अनियमित होना।
- पेशाब से खून आना।
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योग से नियंत्रित कर सकते हैं हाइपरटेंशन
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कोविड के समय में बचाव के टिप्स
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हाइपरटेंशन के शिकार लोगों को कोरोना के समय में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
नोट: यह लेख डॉ. राजन गांधी के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। डॉ राजन योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हाइपरटेंशन के शिकार लोगों को कोरोना के समय में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
- उच्च रक्तचाप वाले रोगियों को खान-पान बेहद संतुलित और पौष्टिक रखना चाहिए। संतरा, केला, पालक, ब्रोकली आदि रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं।
- सोडियम युक्त भोजन का सेवन कम करना चाहिए। खाने में नमक को कम कर सकते हैं।
- ऐसे रोगियों को नियमित रूप से हल्के स्तर के व्यायम और योग आसन जरूर करने चाहिए।
- पर्याप्त मात्रा में नींद लें।
- समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहें। अगर यह बढ़ा हुआ दिखता है तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- उच्च रक्तचाप की जो भी दवाइयां चल रही हैं उन्हें बिना गैप के लेते रहें।
नोट: यह लेख डॉ. राजन गांधी के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। डॉ राजन योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।