कोरोना वायरस और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के बीच का संबध इस समय सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है उन्हें कोरोना वायरस के सक्रमण होने का डर सबसे ज्यादा होता है। आप कई सारे उपायों को अपनाकर अपनी प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को सुधार सकते हैं, लेकिन यह एक लंबी प्रकिया है। अब सवाल उठता है कि जिन लोगों की इम्यूनिटी पहले से ही कमजोर है वह इस संक्रमण से खुद को कैसे बचा सकते हैं?
आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि ऐसे लोगों के लिए डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विशेषज्ञों की मानें तो जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, वायरस उनके शरीर में आसानी से प्रवेश कर जाता है। चूंकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता इस वायरस की ठीक से मुकाबला नहीं कर पाती है यही कारण है कि कोरोना वायरस जल्द ही फेफड़ों को क्षति पहुंचाना शुरू कर देते है।
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फेफड़े हो जाते हैं कमजोर
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इस स्थिति में लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। वहीं जिन लोगों की इम्यूनिटी बेहतर होती है उनके शरीर में वायरस अपनी प्रतिलिपि नहीं बना पाता है और जल्द ही अप्रभावी हो जाता है। इसी वजह इम्यूनिटी को मजबूत करने पर ध्यान देने की सलाह दी जाती रही है।
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घाव का आसानी से न भरना इम्यूनिटी में कमजोरी का हो सकता है संकेत
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कैसे जाने कि हमारी इम्यूनिटी कमजोर है?
लोगों के मन में इस समय अपनी इम्यूनिटी के स्तर को जानने की इच्छा रहती है। यह कैसे जाना जाए कि हमारी इम्यूनिटी कमजोर है या मजबूत, इस सवाल के जवाब में डॉ अमरिंदर सिंह (प्रोफेसर एम्स) कहते हैं कि आप घर पर ही आसानी से अपनी इम्यूनिटी के स्तर की जांच कर सकते हैं। चोट और घाव का देर से ठीक होना, बार-बार डायरिया या गैस होना, निमोनिया और जुकाम जैसे संक्रमण बार-बार होना कमजोर इम्यूनिटी की पहचान हो सकती है।
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वायरल लोड कम करने का करें प्रयास
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जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है उन्हें क्या करना चाहिए?
उजाला सिग्नस के निदेशक डॉ शुचिन बजाज (निदेशक उजाला सिग्नस) बताते हैं कि जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो उन्हें वायरस लोड कम करने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए भाप और गर्म पानी लें।