अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की ओर से जारी की गई एक एडवाइजरी में बताया गया कि घर पर ज्यादातर लोग सही ढंग से ब्लड प्रेशर की जांच नहीं करते हैं। एसोसिएशन के मुताबिक घर पर चेक किए जाने वाली डिजिटल ब्लड प्रेशर मॉनिटर मशीन से लोग ना सिर्फ गलत तरीके से बीपी रीडिंग लेते हैं, बल्कि उसके बाद आई रीडिंग से परेशान भी होते हैं।
Hypertension: कहीं आप भी तो नहीं कर रहे हैं ब्लड प्रेशर की गलत रीडिंग? जानिए क्या है इसे जांचने का सही तरीका
कब नहीं चेक करना चाहिए ब्लड प्रेशर?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक ब्लड प्रेशर चेक करते वक्त जरूरी पहलुओं में आपके बैठने का तरीका बहुत आवश्यक माना जाता है। इसके अलावा यह भी देखना भी बेहद जरूरी है कि आप कोई फिजिकल वर्क करके तो तुरंत अपना बीपी चेक नहीं करने जा रहे हैं।
कार्डियोलॉजी डॉ आरके सरन कहते हैं कि घर पर ब्लड प्रेशर जांचने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आपका यूरिन ब्लैडर खाली होना चाहिए। आप जब घर पर ब्लड प्रेशर चेक करने बैठें तो पेशाब करने के बाद ही चेक करें। इसके अलावा अगर आप अपने बेड पर बैठ कर बीपी चेक करते हैं तो भी बिलकुल सही रीडिंग की संभावना नहीं रहती है।
कुर्सी पर बैठकर, पीठ को रखें सीधा
डॉक्टर आरके सरन कहते हैं कि बीपी चेक करने के लिए सबसे सही तरीका होता है कि आप कुर्सी पर बैठें और अपनी पीठ को कुर्सी के सहारे सीधी रखें। उसके बाद अपने पैरों के तलवों को जमीन से बराबर रखना चाहिए। इसके साथ ही रीडिंग लेते वक्त अपने हाथ को कोहनी को मेज पर बिल्कुल सीधा रखना चाहिए।
ऐसी दशा में जब आप अपना ब्लड प्रेशर घर पर चेक करते हैं तो ब्लड प्रेशर रीडिंग की एक्यूरेसी बढ़ जाती है।
बेड पर बैठ कर न करें बीपी का जांच
विशेषज्ञ के मुताबिक अगर आप बेड पर बैठकर ब्लड प्रेशर की रीडिंग लेते हैं तो एक्यूरेट रीडिंग की संभावना कम हो जाती है।कार्डियोलॉजिस्ट डॉ सौरभ मजूमदार कहते हैं कि सुबह-सुबह की रीडिंग अमूमन लोग अपने बेड पर ही लेते हैं। बीपी चेक करने का ये तरीका बिल्कुल ठीक नहीं है, क्योंकि इस दशा में आपकी रीडिंग में गड़बड़ी हो सकती है। ऐसा नहीं है कि इस तरह से बीपी चेक करने पर रीडिंग पूरी तरीके से बदल जाएगी लेकिन कुछ अंकों का हेरफेर जरूर हो सकता है।
यथार्थ हॉस्पिटल के प्रमुख कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर पंकज रंजन कहते हैं कि बदलती लाइफस्टाइल के चलते और बिगड़े खान-पान के कारण लोगों को लाइफ़स्टाइल की बीमारियां घेर रही हैं, यही वजह है कि लोग अपने घर पर ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच करते हैं। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर या शुगर है उनको अपने घर पर डिजिटल बीपी इंस्ट्रूमेंट और चेक करने की मशीन रखनी चाहिए। एक समय के अंतराल पर अपने डॉक्टर से भी अवश्य सलाह भी लेते रहना चाहिए।
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?
कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर एसके रेड्डी कहते हैं कि अस्पतालों में भी उसी तरीके से मीटर रीडिंग ली जाती है जैसे लोग घरों में लेते हैं। वह कहते हैं जो मरीज उठने की स्थिति में नहीं होते हैं उनकी अस्पतालों में भी बेड पर ही बीपी मॉनिटरिंग की जाती है, लेकिन अस्पतालों में ली जाने वाली ब्लड प्रेशर की रीडिंग डॉक्टरों और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ के सुपरविजन में ली जाती है। इसलिए अगर अस्पतालों में इस तरह से ब्लड प्रेशर मॉनिटर किया जाता है तो खासतौर से क्रिटिकल पेशेंट्स में उनकी लगातार मॉनिटरिंग भी होती रहती है।
अस्पतालों में हमेशा मरीज को कुर्सी पर पीठ का सहारे बैठाने, हाथ को टेबल पर रखने के साथ-साथ पैरों को नीचे रखकर ही ब्लड प्रेशर चेक करना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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