देश में कोरोना के कम होते आंकड़ों के बीच ऐसा लगने लगा था कि जिंदगी दोबारा सामान्य होने जा रही है। इसी दौरान म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के मामलों ने लोगों में एक अलग तरह के भय और अराजकता की स्थिति पैदा कर दी। ब्लैक फंगस के मामले इतनी तेजी से बढ़े कि देखते ही देखते इसने महामारी का रूप ले लिया। हालिया रिपोर्टस के मुताबिक देश में फिलहाल 28000 से ज्यादा लोग ब्लैक फंगस संक्रमित हैं। कोरोना के गंभीर संक्रमण और ब्लैक फंगस के कारण फैले डर के बीच डॉक्टरों ने एक अन्य तरह के संक्रमण के बारे में लोगों को सचेत किया है। डॉक्टरों ने कोविड-19 के रोगी में हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस (एचएसवी) के पहले मामले की पुष्टि की है। कोरोना के रोगियों में एचएसवी के मिले मामले ने स्वास्थ्य विभाग को एक बार फिर से अलर्ट कर दिया है। आइए इस लेख में जानते हैं कि आखिर यह हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस है क्या? और कोरोना से इसका क्या संबंध हो सकता है? क्या यह भी ब्लैक फंगस की तरह गंभीर चिंता का कारक हो सकता है?
अलर्ट: कोरोना मरीजों में मिला एक और खतरनाक संक्रमण, इलाज में हुई देरी तो हो सकता है घातक, ये हैं लक्षण
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डॉक्टरों ने बताया बेहद खतरनाक
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के एक अस्पताल में कोविड-19 रोगी में एचएसवी संक्रमण का पहला मामला दर्ज किया गया है। डॉक्टरों ने एचएसवी को कोरोना रोगियों के लिए काफी खतरनाक बताया है। इस बारे में मीडिया से बात करते हुए डॉक्टर बीपी त्यागी ने बताया कि भारत में कोरोना संक्रमित में हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस का पहला मामला मरीज की नाक में पाया गया। डॉ त्यागी ने वायरस को "बहुत खतरनाक" बताते हुए कहा कि अगर इलाज में देरी हुई तो यह वायरस कोविड-19 से भी ज्यादा घातक हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस एक प्रकार का संक्रमण है जो दाद का कारण बनता है। शरीर के विभिन्न हिस्सों में इसके लक्षण देखे जा सकते हैं, आमतौर पर जननांगों या मुंह पर इसे ज्यादा देखा जाता रहा है। हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस मुख्यरूप से दो प्रकार के होते हैं।
- एचएसवी-1: मुख्य रूप से मौखिक दाद का कारण बनता है और आमतौर पर मुंह के आसपास और चेहरे पर कोल्ड सोर का कारण बनता है।
- एचएसवी-2: यह मुख्यरूप से जननांगों में दाद का कारण बनता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सामान्य तौर पर इस वायरस से होने वाले संक्रमण के कारण लोगों को निम्न प्रकार की समस्याओं का अनुभव हो सकता है।
- फ्लू जैसे लक्षण
- लिम्फ नोड में सूजन।
- सिरदर्द
- होठों पर और उसके आसपास दाद या घाव
- कुछ लोगों में बिल्कुल भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड के रोगियों में कमजोर इम्यूनिटी के कारण इस तरह के मामले देखे जा रहे हैं। ब्लैक फंगस के बाद अब हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस का संक्रमण भी इसी से संबंधित हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना के जो रोगी ठीक हो चुके हैं उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कोरोना की दूसरी लहर में वायरस के नए स्ट्रेनों के कारण लोगों में इस तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं।
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स्रोत और संदर्भ:
Herpes Simplex virus
अस्वीकरण नोट: यह लेख मीडिया रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है। हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस के बारे में जानने के लिए मेडिकल वेबसाइट हेल्थलाइन से जानकारियों को एकत्रित किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बताए गए रोग के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।