देश के ज्यादातर राज्यों में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप देखा जा रहा है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार (20 मई) को पारा 40 डिग्री और इसके आसपास देखा गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह की बढ़ती गर्मी हमारी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है, जिसको लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। बढ़ती गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक (लू) का खतरा रहता है, जिसके अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के नुकसान हो सकते हैं।
Heat Stroke: बढ़ती गर्मी के कारण हो सकती है बेहोशी-चक्कर जैसी समस्याएं, डॉक्टर से जानिए आप कैसे रहें सुरक्षित
देश के ज्यादातर राज्यों में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप देखा जा रहा है। बढ़ती गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक (लू) लगने का खतरा रहता है, जिसके अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के नुकसान हो सकते हैं।
हीट स्ट्रोक का बढ़ रहा है खतरा
अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक अस्पताल में जनरल फिजिशियन डॉ रविंद्र डबास बताते हैं, गर्मी के दिनों में हीट स्ट्रोक बहुत आम समस्या है पर कुछ स्थितियों में इसके कारण गंभीर दिक्कतें भी हो सकती हैं। लू लगने की स्थिति में शरीर का तापमान 104°F (40°C) या उससे अधिक हो जाता है। यह समस्या शरीर के तापमान नियंत्रित करने की क्षमता फेल हो जाने के कारण होती है।
वैसे तो हीट स्ट्रोक किसी को भी हो सकता है, पर बच्चे और बुजुर्गों में इसके मामले अधिक देखे जाते हैं। बच्चों का शरीर तेजी से गर्म होता है और वे अपनी स्थिति को सही ढंग से व्यक्त नहीं कर पाते वहीं बुजुर्गों के शरीर की थर्मोरेगुलेशन क्षमता कम होती है, इसके कारण 60 से अधिक उम्र वाले लोगों को भी लू लगने का जोखिम अधिक रहता है।
ऐसे लोगों को बरतनी चाहिए खास सावधानी
डॉक्टर कहते हैं, यदि आप गर्भवती हैं या खुले में काम करने करते हैं (जैसे मजदूर, ट्रैफिक पुलिस, किसान) तो गर्मी से बचाव के लिए निरंतर उपाय करते रहें।
इसके अलावा क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित जैसे हृदय रोग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या मोटापा के शिकार लोगों को भी गर्मी के दिनों में विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
कैसे जानें कहीं आपको भी तो नहीं हो गया है हीट स्ट्रोक?
डॉक्टर बताते हैं हीट स्ट्रोक की स्थिति में आपको कई प्रकार की दिक्कतें होती हैं। शरीर का तापमना बढ़ जाना इसका पहला लक्षण है। इसके अलावा आपको पसीना, त्वचा लाल होने, कमजोरी या थकावट, मतली या उल्टी और चक्कर आने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
- अगर शुरुआती स्थिति में हीट स्ट्रोक पर ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने या कम होने, भ्रम-दौरे या बेहोशी की दिक्कतें देखी जाती हैं।
- दीर्घकालिक रूप में हीट स्ट्रोक की स्थित किडनी फेलियर, ब्रेन से संबंधित समस्याएं बढ़ाने वाली हो सकती है।
हीट स्ट्रोक-लू से बचे रहने के लिए क्या करें?
आप कुछ आसान से उपाय करके हीट स्ट्रोक के कारण होने वाली समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
- सबसे जरूरी है कि आप हाइड्रेटेड रहें। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे।
- इलेक्ट्रोलाइट्स वाले ड्रिंक्स जैसे ओआरएस या नारियल पानी का सेवन करें।
- दिन में 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलें।
- घर से बाहर निकलते समय छाते, टोपी या सनग्लासेस का उपयोग करें।
- सूती, हल्के रंग के और हवादार कपड़े गर्मी से राहत दिलाते हैं।
- मौसमी फल जैसे तरबूज, खीरा, नींबू पानी, बेल का शरबत इत्यादि लाभकारी हैं।
- खिड़कियां-दरवाजे सुबह बंद कर दें ताकि गर्म हवा अंदर न आए। पंखे और कूलर का उपयोग करें।
अगर किसी को चक्कर, उल्टी, बुखार या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत प्राथमिक चिकित्सा के लिए डॉक्टर के पास जाएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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