हृदय रोगों को गंभीर समस्याकारक और जानलेवा माना जाता है। इसका जोखिम किसी भी उम्र के व्यक्ति में हो सकता है। विशेषकर कोविड-19 के बाद हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी समस्याओं का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से लोगों में लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी के मामले देखे जा रहे हैं, उसने इस तरह के जोखिमों को और भी बढ़ा दिया है। यहां तक कि बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं, 5 साल से भी कम आयु के बच्चों में कार्डियक अरेस्ट का जोखिम देखा जा रहा है।
Heart Attack: महसूस हो रहे हैं ये तीन लक्षण तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास, हार्ट अटैक का हो सकता है संकेत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छाती में दर्द-बेचैनी
दिल के दौरे का सबसे आम लक्षण सीने में दर्द या बेचैनी होना है। इसमें आपको छाती के बीच या बाईं ओर जकड़न-दबाव या निचोड़ने जैसा अनुभव हो सकता है। ऐसा लगातार या रुक-रुक कर हो सकता है, यह कुछ मिनटों तक बना रह सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रोगी के चलने या सीढ़ी चढ़ने में असुविधा या दर्द बढ़ सकता है। इस तरह की दिक्कत हो रही हो तो तुरंत किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह ली जानी चाहिए।
शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द
दिल के दौरे के लक्षणों में छाती के अलावा शरीर के ऊपरी हिस्से तक दर्द फैल सकता हैं। कुछ लोगों को बाहों (आमतौर पर बाएं हाथ), पीठ, गर्दन, जबड़े में भी दर्द का अनुभव होता रह सकता है। व्यायाम या चलते समय यह बढ़ भी सकता है, जबकि जब आप आराम करते हैं तो यह कम हो जाता है। छाती के साथ बाएं हाथ में दर्द जो जबड़ों तक फैल रहा हो इसे दिल का दौरा पड़ने का स्पष्ट संकेत माना जाता है।
सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई
सांस लेने में कठिनाई महसूस होना दिल के दौरे का संकेत हो सकता है। यह लक्षण सीने में दर्द के बिना भी हो सकता है। चलने या नींद के दौरान सांस लेने में कठिनाई बहुत महत्वपूर्ण लक्षण है जो हृदय रोगों की गंभीरता से संबंधित हो सकता है। यदि आप सांस लेने में कठिनाई महसूस करते हैं, साथ ही छाती में दर्द या असहजता बनी रहती है तो इस बारे में तुरंत किसी डॉक्टर की सलाह ले लें।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।